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सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर सुनाया बड़ा फैसला, ये हैं इससे जुड़ी 10 बातें

Tue, 23 Oct 2018 02:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 Oct 2018 02:55 PM IST
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10 main points of supreme court verdict on crackers
पटाखे - फोटो : pexels.com

सुप्रीम कोर्ट ने आज पटाखों पर पूरी तरह तो प्रतिबंध नहीं लगाया लेकिन इनके इस्तेमाल के साथ कुछ शर्तों को जोड़ दिया। दिल्ली सहित कई शहरों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस पर अहम फैसला दिया। ये हैं फैसले से जुड़ी बड़ी बातें-

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- दिवाली पर रात 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे। जबकि क्रिसमस और नए साल पर रात 11.55 से 12.30 तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

- दिल्ली में पटाखे केवल नामांकित स्थानों पर ही फोड़े जा सकेंगे। जिनकी पहचान हफ्तेभर में कर ली जाएगी।

- जुलाई 2005 में ध्वनि प्रदूषण पर आए फैसले में ध्वनि की सीमा बताई गई थी। केवल वही पटाखे फोड़े जा सकेंगे जो इस सीमा में आते होंगे। जबकि लड़ियां और अधिक प्रदूषण वाले पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।
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- पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त ट्रेडर्स ही कर सकेंगे। पटाखों की बिक्री करने वाले लाइसेंस ट्रेडर्स को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि जो पटाखे वह बेच रहे हैं वह अधिक प्रदूषण फैलाने वाले न हों।
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- पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं होगी। अगर कोई ई कॉमर्स साइट पटाखों की बिक्री करती है तो वह अदालत की अवमानना की जिम्मेदार होंगी।

10 main points of supreme court verdict on crackers
पटाखे - फोटो : pexels.com

- अगर इन नए नियमों का उल्लंघन होता है तो संबंधित इलाके का पुलिस इंचार्ज इसके लिए जिम्मेदार होगा।

- बीते साल दिवाली से पहले कोर्ट ने 9 अक्तूबर को पटाखों पर अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध प्रदूषण पर पड़ने वाले इसके प्रभाव की जांच करने के लिए लगाया गया था।

- वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने कि लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मंगलवार को इसपर अहम निर्देश जारी किए। इससे पहले जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने 28 अगस्त को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वकील का कहना है कि 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश ज्यादा सख्त नहीं हैं। हमने आशा की थी कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'

- दिल्ली में हाल ही के दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से भी ऊपर जा चुका है। यह इंडेक्स हवा में घुले जहरीले कण पदार्थों के बारे में बताता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक 100 से ऊपर के आंकड़े को अस्वास्थ्यकर माना गया है।

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