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नदी में छोड़ा जा रहा रसायनयुक्त पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, नालागढ़ सोलन
Updated Mon, 07 Mar 2016 07:40 PM IST
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ढांग निहाली पंचायत के साथ लगती चिकनी नदी में एक निजी कंपनी पर बारिश की आड़ में नदी में रसायनयुक्त पानी छोड़ने के आरोप लोगों ने लगाए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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ढांग निहाली पंचायत के साथ लगती चिकनी नदी में एक निजी कंपनी पर बारिश की आड़ में नदी में रसायनयुक्त पानी छोड़ने के आरोप लोगों ने लगाए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश में रायनयुक्त पानी नदी में छोड़ जा रहा है। इससे लोगों की सेहत को खतरा है। इसी नदी पर ढांग उपरली, कंगनवाल गांव के लिए उठाऊ सिंचाई योजनाएं बनी है, जिससे नदी का पानी लोगों के खेत तक पहुंच रहा है। फसलों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पानी छोड़ने के बाद खेत में दुर्गंध फैल जाती है। यही नहीं अब यह पानी जलस्रोतों से भी मिलना शुरू हो गया है।
पंचायत ने फैक्टरी संचालकों से दूषित पानी न डालने का आग्रह किया गया लेकिन इसके बावजूद पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। पंचायत प्रधान जीत कौर, हाकम सिंह, जिला परिषद सदस्य यशवंत सिंह बावा, सिक्ख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह, हरपाल सिंह, साध राम, साधु सिंह, भाग सिंह, हरप्रीत सिंह, महिंद्र सिंह, दाता राम और सतनाम सिंह ने बताया कि गंदा पानी छोड़े जाने से नदी का पानी विषैला हो गया है। यह पानी जब योजना के माध्यम से खेत तक पहुंचता है तो पूरे गांव में दुर्गंध फैल जाती है।
सीएम से भी की शिकायत
ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी शिकायतीपत्र सौंपा है। लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो लोग उग्र आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से समस्या से निजात की मांग की है। बीती रात बारिश के दौरान बहुत मात्रा में पानी छोड़ा गया।
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पानी में रंग आता है लेकिन विषैला नहीं
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें शिकायत आई थी। इसका जवाब उन्होंने भेज दिया है। इस कंपनी में ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। इसके हाल में तीन सैंपल लिए गए हैं यह तीनों मानक के अनुसार सही पाए गए। पानी में रंग आता है लेकिन यह पानी विषैला नहीं पाया गया।
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पंचायत ने फैक्टरी संचालकों से दूषित पानी न डालने का आग्रह किया गया लेकिन इसके बावजूद पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। पंचायत प्रधान जीत कौर, हाकम सिंह, जिला परिषद सदस्य यशवंत सिंह बावा, सिक्ख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह, हरपाल सिंह, साध राम, साधु सिंह, भाग सिंह, हरप्रीत सिंह, महिंद्र सिंह, दाता राम और सतनाम सिंह ने बताया कि गंदा पानी छोड़े जाने से नदी का पानी विषैला हो गया है। यह पानी जब योजना के माध्यम से खेत तक पहुंचता है तो पूरे गांव में दुर्गंध फैल जाती है।
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सीएम से भी की शिकायत
ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी शिकायतीपत्र सौंपा है। लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो लोग उग्र आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से समस्या से निजात की मांग की है। बीती रात बारिश के दौरान बहुत मात्रा में पानी छोड़ा गया।
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पानी में रंग आता है लेकिन विषैला नहीं
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें शिकायत आई थी। इसका जवाब उन्होंने भेज दिया है। इस कंपनी में ट्रीटमेंट प्लांट लगा है। इसके हाल में तीन सैंपल लिए गए हैं यह तीनों मानक के अनुसार सही पाए गए। पानी में रंग आता है लेकिन यह पानी विषैला नहीं पाया गया।