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हाथरस कांड के खिलाफ धरने पर बैठे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 03:46 PM IST
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हाथरस कांड के खिलाफ धरने पर बैठे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारी
शहर के मोती चौक पर हाथरस कांड के खिलाफ धरने पर बैठे विभिन्न संगठन के लोग - फोटो : Amar Ujala
यूपी में एक बेटी के साथ अत्याचार के खिलाफ शनिवार सुबह अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारी व शहर के अनेक सामाजिक संगठन धरने पर बैठ गए। संगठनों की मांग है कि लड़कियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ अलग से एक गैर राजनीतिक समिति का गठन किया जाए ताकि आरोपियों की जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
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इस पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने कहा देश में एक लाख ऐसी घटनाएं होती है, सजा केवल मुट्ठी भर मामलों में होती हैं। जाति, राज्य प्रांत, भाषा, दल, समुदाय, आर्थिक-स्थिति इन सभी से ऊपर उठकर भारत में ऐसे भयंकर कृतियों पर गंभीरता से ठोस निर्णय हों। कानून कड़े हैं लेकिन फिर भी अत्याचारी छूट जाते हैं और इसीलिए ऐसे घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसा अब नहीं चलेगा। बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार।
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बेटी की जाति के आधार पर भी ऐसे घिनौने अपराधों को ना तोला जाए।भारत की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। यह विषय सिर्फ मीडिया पर चर्चा का नहीं, भारत में महिला सुरक्षा ठीक से होती रहे इस बात का है। हमारी राष्ट्रीय महिला परिषद,  ओजस्विनी और अन्य संगठनों द्वारा देश भर में भारत की बेटी को न्याय के लिए सरकारों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, शांतिपूर्ण कैंडल मार्च भी कर रहे हैं, महिला  सुरक्षा पर हम हर वर्ष प्रशिक्षण भी करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। पूरे देश को एक होकर ये काम करने चाहिए
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-संगठनों के सुझाव -अपने परिवार में बेटों को सिखाएं कि महिलाओं का सम्मान करना, उन पर घर में या बाहर अत्याचार ना करना। यह आवश्यक ही है। -कानून तो होते हैं लेकिन सरकारें दलगत, समाज, प्रांत, भाषा आदि के आधार पर उन कानूनों का प्रयोग करना बंद करें और महिला अत्याचारियों को कड़ी सजा दें, गुनाहगारों को बचाने में ना लगे। -तुरंत संज्ञान लेकर सभी सम्माननीय न्यायालय एक होकर महिला सुरक्षा पर सभी सरकारों, प्रशासनों को कड़ाई से जांच, महिला को तुरंत उपचार मिले और अत्याचारियों को सजा मिले यह आदेश दें और फास्टट्रैक न्यायालय तुरंत शुरू हों। -संपूर्ण अराजनीतिक समिति बनी जिसमें निवृत्त महिला न्यायाधीश, महिला पुलिस अधिकारी, महिला डॉक्टर और समाजसेविका हो, जो समिति ऐसे सभी मामलों पर तुरंत कार्रवाई करें। महिलाओं का सम्मान तभी मिलेगा जब सभी दल एक दूसरे को दोष देने की राजनीति बंद करें और देश में हर बेटी हर जगह पर हर समय सुरक्षित स्वस्थ और समृद्ध हो।
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