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पंजाब यूनिवर्सिटी में जानकारी के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा, स्पेशल हेल्प डेस्क कहेगी- मैं हूं न
Fri, 21 Jun 2019 12:47 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 12:47 PM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी में इस बार बाहर से आए स्टूडेंट्स को जानकारी के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अब उन्हें एक जगह पर ही सारी जानकारी मुहैया की जाएगी। वीरवार को इसके लिए डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन डीयूआई प्रो. शंकरजी झा ने सभी विभागों के चेयरपर्सन के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश दिए कि हेल्पडेस्क के प्रति स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि एडमिशन के बाद कोई भी सीट खाली न रहे, इसके लिए सभी विभागों के चेयरपर्सन को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रो. शंकरजी झा ने कहा कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी एडमिशन में बहुत ज्यादा फर्क होता है, इसलिए स्टूडेंट्स को इसके बारे में विभागों को खुद बताना होगा।
जागरूकता फैलाने के लिए सभी विभागों को ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया और ईमेल का सहारा लेना चाहिए। इस बार एडमिशन ऑनलाइन है, लेकिन उसके बाद भी पांच से छह हेल्प डेस्क कैंपस में भी स्थापित किए जाएंगे ताकि पीयू आकर अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए प्रशासनिक ब्लॉक के चक्कर नहीं लगाए और उन्हें एक ही जगह पर सारी जानकारी मिल सके।
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वहीं कई प्राइवेट सेंटर स्टूडेंट्स से बहुत ज्यादा चार्ज करते है उससे बचने के लिए भी हेल्प डेस्क कारगर साबित होंगे। यह हेल्प डेस्क तीन जुलाई के बाद कैंपस में स्थापित किए जाएंगे।
एडमिशन कमेटी करेगी प्लानिंग, खाली सीटों पर भी फैसला
इस मौके पर कम्प्यूटर सेंटर हेड प्रो. सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में बनी एडमिशन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में कमेटी को भी निर्देश दिए गए कि एडमिशन के बाद खाली बची हुई सीटों को जल्द से जल्द भरने पर प्लानिंग कर जाए। सीटों के खाली रहने वाले एडमिशन बाद में ऑफलाइन किया जा सकता है या नहीं इस पर भी विचार किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि एडमिशन के बाद कोई भी सीट खाली न रहे, इसके लिए सभी विभागों के चेयरपर्सन को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रो. शंकरजी झा ने कहा कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी एडमिशन में बहुत ज्यादा फर्क होता है, इसलिए स्टूडेंट्स को इसके बारे में विभागों को खुद बताना होगा।
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जागरूकता फैलाने के लिए सभी विभागों को ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया और ईमेल का सहारा लेना चाहिए। इस बार एडमिशन ऑनलाइन है, लेकिन उसके बाद भी पांच से छह हेल्प डेस्क कैंपस में भी स्थापित किए जाएंगे ताकि पीयू आकर अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए प्रशासनिक ब्लॉक के चक्कर नहीं लगाए और उन्हें एक ही जगह पर सारी जानकारी मिल सके।
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वहीं कई प्राइवेट सेंटर स्टूडेंट्स से बहुत ज्यादा चार्ज करते है उससे बचने के लिए भी हेल्प डेस्क कारगर साबित होंगे। यह हेल्प डेस्क तीन जुलाई के बाद कैंपस में स्थापित किए जाएंगे।
एडमिशन कमेटी करेगी प्लानिंग, खाली सीटों पर भी फैसला
इस मौके पर कम्प्यूटर सेंटर हेड प्रो. सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में बनी एडमिशन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में कमेटी को भी निर्देश दिए गए कि एडमिशन के बाद खाली बची हुई सीटों को जल्द से जल्द भरने पर प्लानिंग कर जाए। सीटों के खाली रहने वाले एडमिशन बाद में ऑफलाइन किया जा सकता है या नहीं इस पर भी विचार किया जा सकता है।