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#LadengeCoronaSe: गुजरात में ऑक्सीजन की कमी से सांसत में आईं सांसें, युवाओं ने 72 घंटे में बना दिया संयंत्र
Mon, 26 Apr 2021 09:43 AM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनासकांठा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनासकांठा
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 26 Apr 2021 09:43 AM IST
सार
गुजरात के बनासकांठा जिले में ऑक्सीजन की कमी के चलते जब सैकड़ों मरीजों की सांसें सांसत में पड़ गईं, तो बनास डेयरी के इंजीनियरों ने बड़ी ही सूझबूझ दिखाते हुए 72 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया। इस ऑक्सीजन प्लांट की मदद से प्रतिदिन 35 से 40 रोगियों के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही है।
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बनास डेयरी के इंजीनियरों द्वारा स्थापित किया गया ऑक्सीजन संयंत्र
- फोटो : ANI
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तेज रफ्तार जारी है। लगातार बढ़ते कोविड मरीजों के चलते कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गुजरात के बनासकांठा जिले में ऑक्सीजन की कमी के चलते जब सैकड़ों मरीजों की सांसें सांसत में पड़ गईं, तो बनास डेयरी के इंजीनियरों ने बड़ी ही सूझबूझ दिखाते हुए 72 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया। इस ऑक्सीजन प्लांट की मदद से प्रतिदिन 35 से 40 रोगियों के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही है।
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पालनपुर में बनास डेयरी के वरिष्ठ महाप्रबंधक बिपिन पटेल ने बताया कि हररोज ऑक्सीजन संयंत्र से एक दिन में 70 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर या 680 किलोग्राम उत्पादन हो रहा है, जो 35-40 रोगियों के लिए पर्याप्त है। संयंत्र स्थापित करने के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा, हम पालनपुर में एक मेडिकल कॉलेज और एक अनुसंधान संस्थान चला रहे हैं। इसके अलावा हमारा ट्रस्ट जिला नागरिक अस्पताल का भी प्रबंधन करता है। इस मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमारे अध्यक्ष ने पूछा है कि हमने क्या किया है। हम क्या कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि अनुमति मिलने के बाद अधिकारियों और इंजीनियरों की डेयरी की टीम ने मिनी ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के तरीके तलाशने शुरू किए। इसके बाद हमने ऑक्सीजन संयंत्र निर्माण शुरू कर दिया, जो 72 घंटे में तैयार हो गया।
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