रिश्तों को मिल रहा नया नजरिया: शादी अब 'Must' नहीं, 'Choice' है, आखिर सात फेरों से क्यों दूरी बना रहे Gen-Z?
Gen-Z के लिए शादी कोई डेडलाइन नहीं, बल्कि तभी लिया जाने वाला फैसला है जब वह सही लगे। आज की युवा पीढ़ी पहले खुद को समझना, करियर बनाना, आर्थिक रूप से मजबूत होना और हेल्दी रिलेशनशिप बनाना चाहती है। उनक लिए यह 'Must Do' लिस्ट से हटाकर 'If It Feels Right' वाली चॉइस बन गया है।
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शादी कब करोगे?... फैमिली फंक्शन से लेकर रिश्तेदारों की फोन कॉल तक, यह सवाल शायद ही किसी Gen-Z ने न सुना हो। लेकिन नई पीढ़ी के पास अब इसका जवाब भी नया है। उनके लिए शादी जिंदगी की सबसे जरूरी मंजिल नहीं, बल्कि कई विकल्पों में से सिर्फ एक विकल्प है।
Gen-Z का मानना है कि किसी रिश्ते की मजबूती सात फेरों, सामाजिक मुहर या शादी के कागजों से तय नहीं होती। उनके लिए प्यार का मतलब है, भरोसा, भावनात्मक जुड़ाव, आपसी समझ और अपनी पहचान बनाए रखने की आजादी। यही कारण है कि 85 प्रतिशत युवा मानते हैं कि एक संतुष्ट और कमिटेड रिश्ते के लिए शादी करना जरूरी नहीं है। अपने आसपास खत्म होते शादी के रिश्ते, तनावपूर्ण रिश्ते और तेजी से बदलती जीवनशैली को देखकर यह पीढ़ी परंपराओं से भाग नहीं रही, बल्कि उनसे सवाल कर रही है। Gen-Z आंखें बंद करके पुरानी लकीर पर चलने के बजाय रिश्तों और शादी को अपनी शर्तों पर नए सिरे से परिभाषित कर रही है।
आधे से ज्यादा Gen-Z शादी के बारे में सोचते भी नहीं
Marriage foundation की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली पीढ़ियों की तुलना में Gen-Z शादी करने के बारे में सोचते भी नहीं हैं। अनुमान है कि Gen-Z की केवल आधी से थोड़ी ज्यादा आबादी ही जीवन में कभी शादी करेगी। वहीं, पहले की पीढ़ियों में शादी करने वालों की संख्या इससे काफी अधिक है। जहां पहले 25 साल की उम्र से पहले शादी करना आम बात थी, वहीं आज बहुत कम युवा इस उम्र में शादी कर रहे हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि शादी में कमी आने से परिवारों की पारंपरिक संरचना भी बदल रही है। हालांकि Gen-Z इसे अलग नजरिए से देखती है। उनके लिए शादी से ज्यादा जरूरी सही पार्टनर, भावनात्मक जुड़ाव और व्यक्तिगत खुशी है।
आइए जानते हैं आखिर क्यों Gen-Z शादी से दूरी बना रही है? क्यों आज के कई युवा शादी को जिंदगी का जरूरी पड़ाव नहीं मानते? Gen-Z शादी को लेकर पारंपरिक सोच से अलग क्यों सोच रही है।
1- सिंगल लाइफ में भी दिखती है खूबसूरती
Gen-Z का मानना है कि खुश रहने के लिए शादी करना जरूरी नहीं है। कई युवाओं को सिंगल रहकर अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना ज्यादा पसंद है। वे बिना किसी बंधन के अपने फैसले खुद लेना चाहते हैं। जहां मन करे वहां घूमना चाहते हैं। इसके साथ ही अपने करियर और सपनों पर पूरा फोकस करना चाहते हैं। उनके लिए सिंगल लाइफ अकेलापन नहीं, बल्कि आजादी और खुद को बेहतर तरीके से समझने का मौका है। यही वजह है कि आज कई युवा शादी से ज्यादा अपनी पसंद की जिंदगी को महत्व दे रहे हैं।

2- प्यार और शादी एक ही बात नहीं
Gen-Z का मानना है कि किसी से प्यार करना और उससे शादी करना दोनों अलग-अलग चीजें हैं। कई युवा सोचते हैं कि अपने प्यार को साबित करने के लिए शादी की जरूरत नहीं होती है। उनके लिए रिश्ते की मजबूती शादी की रस्मों से नहीं, बल्कि भरोसे, सम्मान और आपसी समझ से तय होती है। यही वजह है कि आज कई कपल बिना शादी किए भी लंबे समय तक साथ रह रहे हैं और खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। Gen-Z का मानना है कि अगर रिश्तों में प्यार और कमिटमेंट है, तो शादी होना या न होना मायने नहीं रखता। उनके लिए रिश्ता दिल से बनता है, ना की कानूनी बंधन से। वहीं, 85% लोगों का मानना है कि एक खुशहाल और कमिटेड रिश्ते के लिए शादी जरूरी नहीं है।
3- शादी से पहले आर्थिक रूप से मजबूत होना जरूरी
Gen-Z के लिए शादी सिर्फ प्यार का नाम नहीं है। उनके लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। घर खरीदना, रोजमर्रा के खर्च उठाना, भविष्य की प्लानिंग करना और परिवार की जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता। यही वजह है कि आज कई युवा शादी से पहले अपने करियर और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। Gen-Z युवाओं का मानना है कि जब तक अच्छी नौकरी, स्थिर आय और आर्थिक सुरक्षा न हो, तब तक शादी का फैसला जल्दबाजी हो सकता है। उनके लिए पहले खुद को स्टेबल करना है, फिर शादी के बारे में सोचना समझदारी भरा कदम है।

4- शादी को लेकर Gen-Z में बढ़ रहा है भरोसे का संकट
Gen-Z ने अपने आसपास रिश्तों को टूटते देखा है। माता-पिता का तलाक, रिश्तों में धोखा, भावनात्मक चोट और बढ़ते ब्रेकअप जैसी घटनाओं ने शादी को लेकर उनकी सोच को प्रभावित किया है। ऐसे में कई युवाओं के लिए किसी पर पूरी तरह भरोसा करना आसान नहीं रह गया है। उनका मानना है कि शादी सिर्फ साथ रहने का फैसला नहीं है। यह जीवनभर की कमिटमेंट है। लेकिन जब रिश्तों में भरोसा कमजोर पड़ता दिखता है, तो शादी का फैसला और भी मुश्किल लगने लगता है। यही वजह है कि Gen-Z रिश्तों में जल्दबाजी करने के बजाय पहले भरोसा और भावनात्मक सुरक्षा को महत्व दे रही है।
5- Gen-Z रिश्तों को अपनी शर्तों पर जीना चाहते हैं
आज के समय में शादी से पहले साथ रहना (लिव-इन रिलेशनशिप) पहले की तुलना में काफी आम हो गया है। फिर भी कई लोगों को लगता है कि समाज उनके इस फैसले को लेकर उन्हें जज करता है। खासकर महिलाओं को इस तरह की आलोचनाओं का ज्यादा सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि Gen-Z पारंपरिक सामाजिक दबावों से दूर रहकर अपनी पसंद के अनुसार रिश्ते जीना चाहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि अब लोगों की सोच भी बदल रही है। बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि किसी से शादी कब करोगे? या बच्चे कब होंगे? जैसे सवाल बार-बार पूछना निजी जिंदगी में दखल देना है। Gen-Z का मानना है कि ऐसे फैसले पूरी तरह व्यक्तिगत होने चाहिए और किसी पर इन्हें लेकर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

6- महंगाई बनी शादी की राह की रुकावट
शादी की राह में सबसे बड़ी बाधा बढ़ता खर्च बन रहा है। करीब 73% युवाओं का मानना है कि मौजूदा आर्थिक माहौल में शादी करना काफी महंगा पड़ता है। शादी समारोह, घर, भविष्य की जिम्मेदारियां और बढ़ती महंगाई के कारण कई युवा इस फैसले को टाल रहे हैं। सर्वे में यह भी सामने आया कि कुछ लोग शादी करने की योजना ही नहीं बना रहे हैं।