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'फैक्चुअल' और 'फिक्शन' से बनता है फैशनः अनिकेत
Updated Tue, 25 Sep 2012 03:00 PM IST
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यह फैशन के प्रति दीवानगी ही कही जाएगी जिसने साइंस और मीडिया के क्षेत्र से फैशन की दुनिया में अनिकेत सतम को कदम रखने के लिए प्रेरित किया। अनिकेत लक्मे फैशन वीक– विंटर फेस्टीव में बतौर जेनरेशन नेक्स्ट फैशन डिजाइनर अपना कलेक्शन पेश करने वाले हैं। हमने अनिकेत से इस मौके पर विशेष बातचीत की।
लक्मे फैशन वीक में क्या खास करने जा रहे हैं?
इस फॉल फेस्टीव सीजन में मैं अपना कलेक्शन 'आरंभ' नाम से उतार रहा हूं। इसके पीछे मेरी थीम है कि ऐसा माना जा रहा था कि 2012 के अंत तक दुनिया खत्म हो जाएगी, उस हिसाब से यह आखरी फॉल फेस्टीव होगा। तो मैं अपने इस कलेक्शन के माध्यम तरोताजगी भरी एक नई शुरुआत का सेलिब्रेशन पेश करूंगा। इस कलेक्शन में मैं आइवरी, व्हाइट जैसे रंगों का इंक ब्लू, कोबाल्ट और परशियन ब्लू जैसे रंगों के साथ प्रयोग कर रहा हूं। इसमें गोल्डन व स्पार्कलिंग टच दे रहा हूं।
फैशन को लेकर आपकी फिलॉसफी क्या है?
बात जब डिजाइन की आती है तो मैं अपनी निजी अभिव्यक्ति और अनुभवों को जोड़कर देखता हूं। फैशन को मैं 'फैक्शन' के रूप में देखता हूं यानी 'फैक्चुअल' और 'फिक्शन'। यथार्थ और कल्पना को मिलाकर जो कुछ बनेगा वह खास ही होगा।
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फैशन के प्रति अपनी रुचि का आपको कब पता चला?
मैं एक सामान्य भारतीय परिवार से हूं जहां हर बच्चे का भविष्य डॉक्टर या इंजीनियर के रूप में ही देखा जाता है। अपनी स्कूल की कॉपियों तक में मैं खूबसूरत लिबास में सजी महिलाओं के स्केच बनाता था। स्केचिंग के अलावा अक्सर मैं अपनी दादी और मां के स्कार्फ या दुपट्टे को बार्बी पर फिट करके नए-नए प्रयोग करता था। मैं हमेशा से अपनी काल्पनिक दुनिया में मशगूल रहता था और कुछ नया बनाना चाहता था।
फैशन का कौन सा जमाना आपका पसंदीदा है?
वैसे तो मेरी रचनात्मकता मेरे मूड पर बहुत हद तक निर्भर करती है और मैं अपने विभिन्न डिजाइन्स और आइडिया अलग-अलग मूड से निकालता हूं लेकिन आर्ट न्यूवो एरा यानी 1890 से लेकर 1910 तक के फ्रेंच फैशन का समय मुझे प्रभावित करता है।
क्या भारतीय पुरुष फैशन के प्रति अब अधिक सजग हैं?
मुझे लगता है कि भारतीय पुरुष हमेशा से फैशन के प्रति बहुत सजग रहे हैं। भारत के छोटे से छोटे हिस्से में भी पुरुष पगड़ी बांधने की तरह-तरह की शैलियों को अपनाते थे और हमारे यहां पुरुष दाढ़ी-मूंछ तक रखने में तरह-तरह के प्रयोग करते रहे हैं। हां, बात जब अंतरराष्ट्रीय फैशन से उनके एक्सपोजर की मानी जाए तो जरूर पुरुष पहले की अपेक्षा अपनी स्टाइल के प्रति पहले से अधिक सजग हैं।
बॉलीवुड का स्टाइल आइकन कौन है?
मेरे हिसाब से आइकन हमेशा वह है जो विभिन्न तरीके की स्टाइल्स को अलग तरह से कैरी कर सके न कि फैशन की दौड़ में अंधा हो और वह स्टाइल को अपनाकर एक नया लुक देने में सक्षम हो। बॉलीवुड की बात करें तो रेखा से बड़ा स्टाइल आइकन शायद ही कोई होगा। वह अपने आकर्षक व्यक्तित्व और सदाबाहर खूबसूरती को अपनी स्टाइल में पूरी तरह से निखारती हैं।
इसके अलावा मुझे सोनम कपूर की ड्रेसिंग भी बहुत पसंद है। वह अपनी स्टाइल के साथ जिस तरह के प्रयोग करती हैं स्मार्ट होने के साथ-साथ लोगों के बीच पहने जाने लायक भी होते हैं।
इस मॉनसून में कौन से लेटेस्ट शेड्स और पैटर्न ट्रेंड में हैं?
यह मॉनसून हल्के टोन वाले रंगों के साथ प्रयोग करने का सही समय है जैसे न्यूट्रल कैमेल्स, टैराकोटा, मिलिट्री, सेज, प्लम आदि। इन्हें ब्राइट नियॉन रंगों के साथ कंट्रास्ट कर सकते हैं और एसेसरीज के साथ ट्राई कर सकते हैं। मॉनसून में नी लेंथ ड्रेसेज परफेक्ट च्वाइस होती हैं। मेकअप कम से कम हो और रेन बूट और छाते के साथ भी अपनी स्टाइल को फैशनेबल बना सकते हैं।
फैशन उद्योग के बारे में लोगों का सबसे बड़ा भ्रम क्या है?
फैशन उद्योग को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि यहां सफल होने के लिए सिर्फ पैसा चलता है। मैंने कई बड़े लेबल्स को उभरते और डूबते देखा है। यहां टिकने के लिए सिर्फ आपकी मौलिकता और कड़ी लगन ही सबसे जरूरी है।साथ ही, फैशन कैनवास पर उकेरी कला से बढ़कर बहुत ही सब्जेक्टिव विषय है। अपनी स्टाइल की आलोचना पर दुखी होना बेवकूफी है क्योंकि कोई भी डिजाइनर हर किसी को एक साथ खुश नहीं कर सकता है।
एक शब्द में आपका स्टाइल मंत्र?
'फीयर्सेलेगेंस' यानी प्रखर और सुंदर।
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लक्मे फैशन वीक में क्या खास करने जा रहे हैं?
इस फॉल फेस्टीव सीजन में मैं अपना कलेक्शन 'आरंभ' नाम से उतार रहा हूं। इसके पीछे मेरी थीम है कि ऐसा माना जा रहा था कि 2012 के अंत तक दुनिया खत्म हो जाएगी, उस हिसाब से यह आखरी फॉल फेस्टीव होगा। तो मैं अपने इस कलेक्शन के माध्यम तरोताजगी भरी एक नई शुरुआत का सेलिब्रेशन पेश करूंगा। इस कलेक्शन में मैं आइवरी, व्हाइट जैसे रंगों का इंक ब्लू, कोबाल्ट और परशियन ब्लू जैसे रंगों के साथ प्रयोग कर रहा हूं। इसमें गोल्डन व स्पार्कलिंग टच दे रहा हूं।
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फैशन को लेकर आपकी फिलॉसफी क्या है?
बात जब डिजाइन की आती है तो मैं अपनी निजी अभिव्यक्ति और अनुभवों को जोड़कर देखता हूं। फैशन को मैं 'फैक्शन' के रूप में देखता हूं यानी 'फैक्चुअल' और 'फिक्शन'। यथार्थ और कल्पना को मिलाकर जो कुछ बनेगा वह खास ही होगा।
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फैशन के प्रति अपनी रुचि का आपको कब पता चला?
मैं एक सामान्य भारतीय परिवार से हूं जहां हर बच्चे का भविष्य डॉक्टर या इंजीनियर के रूप में ही देखा जाता है। अपनी स्कूल की कॉपियों तक में मैं खूबसूरत लिबास में सजी महिलाओं के स्केच बनाता था। स्केचिंग के अलावा अक्सर मैं अपनी दादी और मां के स्कार्फ या दुपट्टे को बार्बी पर फिट करके नए-नए प्रयोग करता था। मैं हमेशा से अपनी काल्पनिक दुनिया में मशगूल रहता था और कुछ नया बनाना चाहता था।
फैशन का कौन सा जमाना आपका पसंदीदा है?
वैसे तो मेरी रचनात्मकता मेरे मूड पर बहुत हद तक निर्भर करती है और मैं अपने विभिन्न डिजाइन्स और आइडिया अलग-अलग मूड से निकालता हूं लेकिन आर्ट न्यूवो एरा यानी 1890 से लेकर 1910 तक के फ्रेंच फैशन का समय मुझे प्रभावित करता है।
क्या भारतीय पुरुष फैशन के प्रति अब अधिक सजग हैं?
मुझे लगता है कि भारतीय पुरुष हमेशा से फैशन के प्रति बहुत सजग रहे हैं। भारत के छोटे से छोटे हिस्से में भी पुरुष पगड़ी बांधने की तरह-तरह की शैलियों को अपनाते थे और हमारे यहां पुरुष दाढ़ी-मूंछ तक रखने में तरह-तरह के प्रयोग करते रहे हैं। हां, बात जब अंतरराष्ट्रीय फैशन से उनके एक्सपोजर की मानी जाए तो जरूर पुरुष पहले की अपेक्षा अपनी स्टाइल के प्रति पहले से अधिक सजग हैं।
बॉलीवुड का स्टाइल आइकन कौन है?
मेरे हिसाब से आइकन हमेशा वह है जो विभिन्न तरीके की स्टाइल्स को अलग तरह से कैरी कर सके न कि फैशन की दौड़ में अंधा हो और वह स्टाइल को अपनाकर एक नया लुक देने में सक्षम हो। बॉलीवुड की बात करें तो रेखा से बड़ा स्टाइल आइकन शायद ही कोई होगा। वह अपने आकर्षक व्यक्तित्व और सदाबाहर खूबसूरती को अपनी स्टाइल में पूरी तरह से निखारती हैं।
इसके अलावा मुझे सोनम कपूर की ड्रेसिंग भी बहुत पसंद है। वह अपनी स्टाइल के साथ जिस तरह के प्रयोग करती हैं स्मार्ट होने के साथ-साथ लोगों के बीच पहने जाने लायक भी होते हैं।
इस मॉनसून में कौन से लेटेस्ट शेड्स और पैटर्न ट्रेंड में हैं?
यह मॉनसून हल्के टोन वाले रंगों के साथ प्रयोग करने का सही समय है जैसे न्यूट्रल कैमेल्स, टैराकोटा, मिलिट्री, सेज, प्लम आदि। इन्हें ब्राइट नियॉन रंगों के साथ कंट्रास्ट कर सकते हैं और एसेसरीज के साथ ट्राई कर सकते हैं। मॉनसून में नी लेंथ ड्रेसेज परफेक्ट च्वाइस होती हैं। मेकअप कम से कम हो और रेन बूट और छाते के साथ भी अपनी स्टाइल को फैशनेबल बना सकते हैं।
फैशन उद्योग के बारे में लोगों का सबसे बड़ा भ्रम क्या है?
फैशन उद्योग को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि यहां सफल होने के लिए सिर्फ पैसा चलता है। मैंने कई बड़े लेबल्स को उभरते और डूबते देखा है। यहां टिकने के लिए सिर्फ आपकी मौलिकता और कड़ी लगन ही सबसे जरूरी है।साथ ही, फैशन कैनवास पर उकेरी कला से बढ़कर बहुत ही सब्जेक्टिव विषय है। अपनी स्टाइल की आलोचना पर दुखी होना बेवकूफी है क्योंकि कोई भी डिजाइनर हर किसी को एक साथ खुश नहीं कर सकता है।
एक शब्द में आपका स्टाइल मंत्र?
'फीयर्सेलेगेंस' यानी प्रखर और सुंदर।