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4,000 साल पुराना खट्टा-मीठा बैंगन
बीबीसी
Updated Thu, 23 Jun 2016 09:38 AM IST
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- फोटो : getty images
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हड़प्पा सभ्यता के सबसे बड़े शहर राखीगढ़ी के दक्षिण-पूर्व में एक खुदाई स्थल है फरमाना। वहां 2010 में मिली खाने-पीने की चीजों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया।
वैंकूवर यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविदों - अरुणिमा कश्यप और स्टीव वेबर - ने स्टार्च एनालिसिस करके मिट्टी के एक बर्तन में दुनिया की सबसे पुरानी सब्जी खोज निकाली जो बैंगन, अदरक और हल्दी डालकर बनाई गई थी।
उन्होंने पचास अलग-अलग जगहों से स्टार्च के अंश उठाए।
उन्होंने मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार और मनुष्यों के दांत और पालतू गायों को दिए गए बचे-खुचे खानों में सब्जी, फल और मसालों के मॉलीक्यूल्स का विश्लेषण किया और उन पर आग, नमक और चीनी के प्रभावों को भी परखा।
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हालांकि फरमाना में बनी सब्जी में सिर्फ बैंगन, हल्दी, अदरक और नमक इस्तेमाल किया गया था लेकिन हम जो रेसिपी आपको बताने जा रहे हैं, उसमें हमने कुछ और चीजें मिलाने की छूट ली है।
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वैंकूवर यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविदों - अरुणिमा कश्यप और स्टीव वेबर - ने स्टार्च एनालिसिस करके मिट्टी के एक बर्तन में दुनिया की सबसे पुरानी सब्जी खोज निकाली जो बैंगन, अदरक और हल्दी डालकर बनाई गई थी।
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उन्होंने पचास अलग-अलग जगहों से स्टार्च के अंश उठाए।
उन्होंने मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार और मनुष्यों के दांत और पालतू गायों को दिए गए बचे-खुचे खानों में सब्जी, फल और मसालों के मॉलीक्यूल्स का विश्लेषण किया और उन पर आग, नमक और चीनी के प्रभावों को भी परखा।
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हालांकि फरमाना में बनी सब्जी में सिर्फ बैंगन, हल्दी, अदरक और नमक इस्तेमाल किया गया था लेकिन हम जो रेसिपी आपको बताने जा रहे हैं, उसमें हमने कुछ और चीजें मिलाने की छूट ली है।
अगर संभव हो तो आप इसे मिट्टी के बर्तन में बना सकते हैं।
बैंगन बनाने की हड़प्पा वाली रेसिपी
6-7 छोटे-छोटे बैंगन साफ और कटे हुए
अदरक का छोटा टुकड़ा
1 ताज़ा हल्दी का टुकड़ा या ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
नमक
कटा हुआ कच्चा आम, एक बड़ा चम्मच
तिल का तेल 2-3 बड़े चम्मच
एक चुटकी जीरा
गाढ़ा गन्ने का रस
मीठी तुलसी की कुछ पत्तियां
सब्जी बनाने की विधि
अदरक, हल्दी और जीरे को पीस लें। तिल के तेल को गर्म करें। और उसमें पिसे हुए पेस्ट को मिलाकर दो मिनट तक गर्म करें।
इसे बैंगन पर डालकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाए। फिर इसे तेजी से मिलाएं। इसके बाद इसे ढक कर तब तक पकाएं जब तक कि बैंगन पक न जाए। जरूरत हो तो इसमें पानी मिला लें।
अब इसमें कच्चे आम के टुकड़े और गन्ने का गाढ़ा रस मिलाएं। कुछ मिनटों तक इसे उबालें या जब तक कि आम पक न जाए। मसाला चखकर देख लें और बाजरे की रोटी के साथ खट्टी-मीठी सब्जी परोसें।
बैंगन बनाने की हड़प्पा वाली रेसिपी
6-7 छोटे-छोटे बैंगन साफ और कटे हुए
अदरक का छोटा टुकड़ा
1 ताज़ा हल्दी का टुकड़ा या ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
नमक
कटा हुआ कच्चा आम, एक बड़ा चम्मच
तिल का तेल 2-3 बड़े चम्मच
एक चुटकी जीरा
गाढ़ा गन्ने का रस
मीठी तुलसी की कुछ पत्तियां
सब्जी बनाने की विधि
अदरक, हल्दी और जीरे को पीस लें। तिल के तेल को गर्म करें। और उसमें पिसे हुए पेस्ट को मिलाकर दो मिनट तक गर्म करें।
इसे बैंगन पर डालकर उसमें थोड़ा सा नमक मिलाए। फिर इसे तेजी से मिलाएं। इसके बाद इसे ढक कर तब तक पकाएं जब तक कि बैंगन पक न जाए। जरूरत हो तो इसमें पानी मिला लें।
अब इसमें कच्चे आम के टुकड़े और गन्ने का गाढ़ा रस मिलाएं। कुछ मिनटों तक इसे उबालें या जब तक कि आम पक न जाए। मसाला चखकर देख लें और बाजरे की रोटी के साथ खट्टी-मीठी सब्जी परोसें।
हड़प्पा की सब्जी ने इस अनुमान को सच साबित कर दिया है कि बैंगन इस उपमहाद्वीप की मूल जंगली सब्जी है और इसका नाम संस्कृत नाम वारताका या वर्तांका बहुत पहले से है।
इससे यह भी पता चलता है कि अदरक भी इसी क्षेत्र में पनपा था और हल्दी या हरिद्रा का भी 'जनजतीय जुड़ाव' है।
इतिहास में अक्सर राजाओं-महाराजाओं की लड़ाइयों, मिट्टी के बर्तनों और अनाज के भंडार और स्नानघरों का जिक्र तो मिलता है।
लेकिन इतिहास में लोगों की जिंदगियों के बारे में बहुत कम ही बात की जाती है, कम-से-कम उस एक इंसान की तो बिल्कुल ही बात नहीं होती जो चार हजार साल पहले सब्जी बनाने और खाने के बाद, बर्तन को धोना भूल गया था।
इससे यह भी पता चलता है कि अदरक भी इसी क्षेत्र में पनपा था और हल्दी या हरिद्रा का भी 'जनजतीय जुड़ाव' है।
इतिहास में अक्सर राजाओं-महाराजाओं की लड़ाइयों, मिट्टी के बर्तनों और अनाज के भंडार और स्नानघरों का जिक्र तो मिलता है।
लेकिन इतिहास में लोगों की जिंदगियों के बारे में बहुत कम ही बात की जाती है, कम-से-कम उस एक इंसान की तो बिल्कुल ही बात नहीं होती जो चार हजार साल पहले सब्जी बनाने और खाने के बाद, बर्तन को धोना भूल गया था।