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Hindi News ›   Fact Check ›   Video of arrest of 11 Rohingya infiltrators in Assam shared as West Bengal

Fact Check: असम में 11 रोहिंग्या घुसपैठियों की गिरफ्तारी के वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर किया जा रहा शेयर

Sat, 20 Sep 2025 10:13 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 20 Sep 2025 10:13 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है कि जिसमें कुछ लोगों के पुलिस गिरफ्तार करते नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है 11 रोहिंग्या घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। 

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Video of arrest of 11 Rohingya infiltrators in Assam shared as West Bengal
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिस को कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार करते देखा जा सकता है। जिन्हें गिरफ्तार होते दिखाया गया है, उनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के तारापुर रेलवे स्टेशन पर 11 रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है। कहा जा रहा है कि शिकायत बजरंग दल की तरफ से की गई है, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पया है। हमारी पड़ताल में सामने की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि असम के सिलचर में हुई। जांच में पता चला कि सिलचर के तारापुर स्थित कालीबाड़ी रोड इलाके से मंगलवार को पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत कुल 11 रोहिंग्या नागरिकों को हिरासत में लिया गया।

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बजरंग दल की शिकायत पर पश्चिम बंगाल के तारापुर रेलवे स्टेशन पर 11 रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया।

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दीपक शर्मा (@SonOfBharat7) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “ये रोहिंग्या बांग्लादेशी देश में दीमक की तरह फैले हुए हैं। प. बंगाल के तारापुर रेलवे स्टेशन 11 शैतान पकड़े गए, जो हैदराबाद से वापस लौट रहे थे.. बजरंग दल के एक सदस्य की नजर पड़ी तो उसने सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें कोलकाता 24*7 नाम की एक वेबसाइट पर मीडिया रिपोर्ट देखने को मिली। इस रिपोर्ट में वीडियो का कीफ्रेम मौजूद था। रिपोर्ट में बताया गया था कि असम में 11 रोहिंग्या घुसपैठियों को पुलिस ने पकड़ा है। रिपोर्ट में बताया गया था कि 16 सितंबर को असम के तारापुर रेलवे स्टेशन इलाके में 11 रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, ये 11 रोहिंग्या हैदराबाद से ट्रेन से लौट रहे थे। तारापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर बजरंग दल के सदस्यों ने उन्हें देखा। उनकी संदिग्ध हरकतों को देखते हुए, उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया और कुछ ही देर में पुलिस ने छापा मारकर सभी को गिरफ्तार कर लिया।
 


आगे हमने कीवर्ड के माध्यम से कई और मीडिया रिपोर्ट को सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें टाइम्स ऑफ इंडया कि 17 सितंबर की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट से पता चला सिलचर के तारापुर कालीबाड़ी रोड इलाके से मंगलवार को पुरुषों, महिलाओं और बच्चों समेत कुल 11 रोहिंग्या नागरिकों को हिरासत में लिया गया। 


आगे हमने वीडियो के अंत में एक पुलिस अधिकारी की वर्दी पर असम पुलिस लिखा हुआ दिखाई दिया। वह सभी को गाड़ी में बैठा रहा था। इससे पता चला कि यह गिरफ्तारी बंगाल पुलिस के द्वारा नहीं बल्कि असम पुलिस के द्वारा की जा रही थी। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि असम में रोहिंग्या मुसलमानों के वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर किया जा रहा है। 


 
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