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Hindi News ›   Fact Check ›   Video of a man tied to a pole and beaten up falsely claimed from Manipur

Fact Check: खंभे से बांधकर युवक की पिटाई करने का वीडियो मणिपुर का बताकर किया जा रहा गलत दावा, पढ़ें पड़ताल

Fri, 24 Jan 2025 07:32 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 24 Jan 2025 07:32 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर युवक को खंभे से बांधकर पीटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को मणिपुर के होने का दावा किया जा रहा है। 

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Video of a man tied to a pole and beaten up falsely claimed from Manipur
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक व्यक्ति को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को मणिपुर में हुई हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 
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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह मणिपुर में कंगलीपाक 650 वर्ग किमी एक ऐसी जगह जहां #arambaiTenggol के पास राज्य बलों से ज़्यादा शक्ति है। यहां किसी को भी बंधक बनाकर पीटा जा सकता है। 

क्या है आरामबाई टेंगोल

आरामबाई टेंगोल की शुरुआत 2020 में हुई थी (जिसका अर्थ “तीर चलाने वाली घुड़सवार सेना” है) शुरू में एक पुनरुत्थानवादी सांस्कृतिक संगठन था। संगठन अपना लक्ष्य मुख्य रूप से मैतेई स्वदेशी संस्कृति, परंपरा और पहचान को संरक्षित करना बताता है। मणिपुर में हुई हिंसा के साथ ही ये धीरे-धीरे एक हिंसक संगठन में बदल गया। 
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पाउबोई (@pbkhuptong) मणिपुर मैतेई आतंकवादी कानून और व्यवस्था लागू कर रहे हैं। @manipur_police को हथकड़ी लगाकर कस दिया गया है। गृह मंत्रालय कहां है। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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इओंग्यो किप्स (@Eongyoo12345) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “कांगलीपाक 650 वर्ग किमी (एक ऐसी जगह जहां #arambaiTenggol के पास राज्य बलों से ज़्यादा ताकत है।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

गैरी_किपगेन (@gary_kuki) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मैतेई बलात्कारी को उनके ही अरामबाई टेंगोल ने पीटा पीठ की अच्छी मालिश” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

पड़ताल 
इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें ये वीडियो जेएनयू नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को 15 जनवरी को पोस्ट किया गया था। इस के साथ कैप्शन में लिखा गया था “म्यांमार के म्यावाड्डी औद्योगिक पार्क में पीड़ितों की अवैध हिरासत और अत्याचार।”

आगे हमें एक चीनी न्यूज चैनल सोहटीवी न्यूज नाम से एक एक्स अकाउंट मिला। SOHTV news साउंड ऑफ होप मीडिया ग्रुप 2003 में प्रवासी चीनी लोगों द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र मीडिया है। यहां हमें ये वीडियो पोस्ट किया हुआ मिला। इस वीडियो को म्यांमार में चल रहे मानव तस्करी नेटवर्क से संबंधित बताया गया है, जिसमें युवाओं को काम और उच्च भत्ते देने के नाम पर ठगा जाता है, लेकिन अंत में उन्हें म्यांमार में बेच दिया जाता है। हम कैप्शन के अनुवाद के साथ पोस्ट के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं। 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो मणिपुर का नहीं बल्कि म्यांमार का है। 
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