Fact Check: सोपोर में 2020 में हुए आतंकी हमले के वीडियो को पहलगाम का बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक बच्चा शव के ऊपर बैठकर रो रहा है। दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में बच्चे के पिता को मार डाला। हमारी पड़ताल में ये दावा गलत निकला है।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने यह हमला किया। बताया जा रहा है कि कुल छह आतंकियों ने वारदात को अंजाम दिया। इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक छोटा बच्चा लाश पर बैठकर रो रहा है। वीडियो को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि बच्चे के पिता की जम्मू-कश्मीर में पहलगाम के पास बायसरन में हुए आतंकवादी हमले में मौत हो गई। अमर उजाला को अपनी पड़ताल में इस वीडियो के पुराना होने की जानकारी मिली है। इस वीडियो का हाल में पहलगाम में हुए हमले से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को गलत और भ्रामक जानकारी से साथ शेयर किया जा रहा है। अपनी पड़ताल में हमने पाया कि यह वीडियो जुलाई 2020 का है जब सोपोर में आतंकी हमला हुआ था।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करे दावा किया गया पहलगाम में आतंकियों नें चुन चुनकर सभी हिंदू पर्यटकों को मारा है। साथ ही बच्चे के पिता को इसके सामने गोली मार दी।
अर्णब गोस्वामी (पैरोडी) (@RealArnab_)नाम के एक एक्स अकाउंट से वीडियो को शेयर करके लिखा गया “मुसलमानो बताओ इस बच्चे की क्या गलती है ? इसके पिता को इसके सामने ही गोली मार दी गई। एक मासूम बच्चे के सामने उसके पिता का पैंट खोलकर चेक किया और इसलिए गलियों से भून दिया गया क्योंकि वह हिंदू था।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। पोस्ट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं।
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें कोई भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। इसके बाद हमने कीवर्ड के माध्यम ने इस वीडियो को खोजने की कोशिश की। यहां हमें फर्स्टपोस्ट के फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो देखने को मिला। वीडियो को 1 जुलाई 2020 को पोस्ट करके लिखा गया था “बुधवार को कश्मीर से आई दिल दहला देने वाली तस्वीरों में एक तीन वर्षीय लड़के को अपने दादा के शव पर बैठे देखा जा सकता है, जो जम्मू-कश्मीर के सोपोर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर हुए आतंकवादी हमले में मारे गए थे।”
खबर को और सर्च करने पर हमें अलजजीरा की एक खबर मिली। इस खबर में वायरल हो रहा विजुअल मौजूद था। खबर में बताया गया था कि कश्मीर के सोपोर कस्बे में एक तीन वर्षीय बच्चे को अपने दादा के शव पर बैठे हुए दिखाने वाली तस्वीर ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र में गुस्सा भड़का दिया है, मृतक के परिवार ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी के दौरान 65 वर्षीय नागरिक की हत्या करने का आरोप लगाया है।
दोनों विजुअल में तुलनात्मक अंतर देखने पर भी साफ दिख रहा है कि दोनों तस्वीर में कोई अंतर नहीं है। आप इसका स्क्रीनशॉट नीचे देख सकते हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2020 में सोपोर में हुए आतंकी हमले की है। इसे पहलगाम का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।