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Fact Check: बांग्लादेश में 2023 की हिंसा के वीडियो को पश्चिम बंगाल के मालदा की घटना से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Fri, 28 Mar 2025 08:01 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 28 Mar 2025 08:01 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ हिंसा करती हुई नजर आ रही है। इस वीडियो को पश्चिम बंगाल के मालदा का बताया जा रहा है। 

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The violence in Bangladesh is being shared by linking it to the incident in Malda, West Bengal
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में कुछ लोग हिंसा करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में लोग तोड़फोड़ और आगजनी करते हुए नजर आ रहे हैं। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह हिंसा हाल ही में पश्चिम बंगाल के मालदा में हुई है। कहा जा रहा है कि बंगाल में हिंदुओं पर हमला किया जा रहा है। वीडियो को मालदा में हुई घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 
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Islamist Cannibal (@Raviagrawal300) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “पश्चिम बंगाल के मालदा में इस्लामिस्ट उत्पात जारी है। मुसलमानों की भीड़ ने हिंदुओं के वाहनों में आग लगा दी और उन पर पत्थरों से हमला किया। क्या भारत में हिंदू इतने असहाय हैं कि वे जवाबी कार्रवाई भी नहीं कर सकते..?” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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डेली अपडेट (@dailyupdates04) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “सांप्रदायिक हिंसा 28 मार्च 2025 को मोथाबारी मालदा में गंभीर स्थिति। आग और अराजकता के बीच देसी हथियारों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों के साथ हिंसक दृश्य। रिपोर्टों से पुष्टि होती है कि भीड़ ने कथित तौर पर हिंदुओं के स्वामित्व वाली दुकानों को निशाना बनाया, जिससे पश्चिम बंगाल में तनाव बढ़ गया। मुख्यमंत्री @MamataOfficial के नेतृत्व में बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की जाती है।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो प्रोथोम आलो नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इसका पूरा वीडियो देखने को मिला। चैनल पर वीडियो को 27 नवंबर 2023 को पोस्ट किया गया था। प्रोथोम आलो बांग्लादेश का एक दैनिक समाचार पत्र है। इस चैनल पर वीडियो पोस्ट करके लिखा गया था “सिलहट में नाकाबंदी के समर्थन में मशाल जुलूस और वाहन में तोड़फोड़”।

आगे हमने पश्चिम बंगाल पुलिस के एक्स अकाउंट को भी देखा। पुलिस ने अपने एक्स अकाउंट पर इस वीडियो के पश्चिम बंगाल से संबंधित होने की बात को गलत कहा था। पुलिस ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा “आगजनी और तोड़फोड़ का संलग्न वीडियो कुछ लोगों द्वारा मालदा जिले की घटना के रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। यह वीडियो बांग्लादेश के सिलहट क्षेत्र में नवंबर, 2023 की घटनाओं को दर्शाता है और इसका कल मालदा में हुई घटना से कोई संबंध नहीं है।

इस तरह के फर्जी वीडियो प्रसारित करना, अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का एक स्पष्ट प्रयास है। यह एक दंडनीय अपराध है। हम रिकॉर्ड में दर्ज करते हैं कि सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के ऐसे शरारती प्रयासों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गलत काम करने वालों के साथ कानून के अनुसार सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मालदा में स्थिति नियंत्रण में है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे सोशल मीडिया पर निराधार अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें।”
 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 
 
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