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Hindi News ›   Fact Check ›   The picture of Maa Kali's idol in the middle of the forest was created using AI

Fact Check: जंगल के बीच में मां काली की मूर्ति बने होने की तस्वीर एआई से बनी, पड़ताल में पढ़ें दावे का सच

Wed, 23 Apr 2025 04:43 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 23 Apr 2025 04:43 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में मां काली की मूर्ति दिख रही है, जिसे जंगल के बीच में बनाया गया है। इस वीडियो में जंगल के बीच में माता का मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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The picture of Maa Kali's idol in the middle of the forest was created using AI
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दुर्गा माता की एक बड़ी सी प्रतिमा नजर आ रही है। ये प्रतिमा जंगल के बीचो बीच दिख रही है। इस प्रतिमा की पूजा करने के लिए लोगों को भी देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि घने जंगल के बीचो-बीच, धरती में खुदी हुई एक रहस्यमय मां काली की एक विशाल मूर्ति, जो सदियों से छिपी हुई थी, समय के साथ सामने आई है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ है। इस तरह जंगल के बीचो बीच मूर्ति होने की कोई भी मीडिया रिपोर्ट हमें देखने को नहीं मिली। वीडियो की पड़ताल करने पर हमें इसके एआई से बने होने की जानकारी मिली है। 

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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत में एक रहस्यमयी मंदिर दिखाई दिया है। इस मंदिर में जंगल के बीच में काली मां की विशाल मूर्ति बनी हुई है। इसके सदियों से उस जगह पर बने होने की बात की जा रही है। इस पोस्ट को 18 अप्रैल 2025 को पोस्ट किया गया है। 

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अंकिता (@Lusifer__Girl) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “चुपचाप खोजा गया- माँ काली का जंगल मंदिर, धुंध से भरे जंगल के बीचो-बीच, एक विस्मयकारी रहस्योद्घाटन- धरती में खुदी हुई माँ काली की एक विशाल मूर्ति, जो सदियों से छिपी हुई थी, समय के साथ सामने आई।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी नीचे देखा जा सकता है।

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो को शेयर किया गया था। लेकिन कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट इस बारे में देखने को नहीं मिली। वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें पता चला कि वीडियो में मां काली की कई अलग-अलग मूर्तियों को दिखाया गया है। जिसका स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं। 

 

इसके बाद हमें इस वीडियो पर संदेह हुआ। वहां से हमें वीडियो के कीफ्रेम को हाइव मॉडरेशन पर जांचा। हाइव के द्वारा एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने फोटो और वीडियो का पता लगाने में मदद मिलती है। हाइव पर इस वीडियो को जांचने पर उसके एआई से बने होने की 99.9% संभावना है। 
 

 कुछ और कीफ्रेम्स को जांचने पर भी इससे मिलते जुलते परिणाम दिखाते हुए एआई से बने होने की उच्च संभावना जताई है। 
  
 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई का उपयोग करके बनाया गया है। जंगल के बीच में मां काली की मूर्ति मिलने का दावा पूरी तरह से गलत है। 

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