Fact Check: एआई से बनी है पुतिन की पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ राम लला के दर्शन की तस्वीर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राम मंदिर के दर्शन करने गए थे। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन के लिए भारत के दौरे पर आए थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर पुतिन से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनमें से एक तस्वीर में पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या के राम लला का दर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने पुतिन को राम लला के दर्शन कराए।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई से बनी है। पुतिन राम मंदिर नहीं गए थे।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुतिन राम लला के दर्शन करने गए थे।
डॉ. अनुपम आलोक (@DrAnupamAlok14) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “माननीय नरेंद्र मोदी और आदरणीय योगी आदित्यनाथ महाराज जी ने, रूस के यशस्वी राष्ट्रपति पुतिन जी को, राम मंदिर का दर्शन भी करा दिया : इसी को कह्ते हैं "नए भारत नई सोच" : राम राम।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुतिन भारत के दो दिवसी यात्रा में क्या- क्या करेंगें। यहां हमें कही भी उनके अयोध्या जाने की खबर नहीं मिली।
इसके बाद हमने तस्वीर को ध्यान से देखा। इस दौरान हमें तस्वीर की क्वालिटी ज्यादा दिखी। यहां से हमें तस्वीर के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमें तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। टूल ने वायरल तस्वीर को 99. 9 फीसदी एआई से बना पाया है।
इसके बाद हमने साइट इंजन पर सर्च किया। इस टूल ने भी वायरल तस्वीर को 99 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया। इस तस्वीर को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रहा है।