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Fact Check: प्रकाश राज ने नहीं की आरएसएस की आलोचना फर्जी बयान हो रहा वायरल, पड़ताल में पढ़ें सच

Mon, 03 Mar 2025 06:25 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 03 Mar 2025 06:25 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें प्रकाश राज के नाम का जिक्र करते हुए आरएसएस की आलोचना की जा रही है। BOOM ने अपनी पड़ताल में इस दावे को फर्जी पाया है।

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Prakash Raj did not criticise RSS fake statement going viral
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अभिनेता प्रकाश राज का एक कथित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में प्रकाश राज के हवाले से कहा गया कि मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया में सांप्रदायिक सौहार्द इसलिए है क्योंकि वहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नहीं है।

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बूम ने पाया कि वायरल बयान फर्जी है। प्रकाश राज ने खुद एक पोस्ट के जरिए इसका खंडन किया था।

एक्स पर दक्षिणपंथी यूजर प्रोफेसर सुधांशु ने प्रकाश राज की एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, 'कांग्रेसियों का पुराना दलाल *** प्रकाश राज का एक बयान सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है। उसने कहा है कि इंडोनेशिया में 90% आबादी मुसलमानों की है। 2% हिन्दू हैं और 11 हजार मंदिर हैं। वहां पर हमने कभी दंगा-फसाद नहीं होते हुए सुना, क्योंकि वहां RSS नहीं है।'

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पोस्ट का आर्काइव लिंक.

फैक्ट चेक

संबंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें बताया गया हो कि प्रकाश राज ने हाल में आरएसएस को लेकर ऐसी कोई टिप्पणी की है।

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इस दौरान हमें साल 2024 की इससे संबंधित कुछ खबरें मिलीं। इन खबरों के मुताबिक प्रकाश राज ने वायरल दावे का खंडन किया था और बताया था कि यह बयान उन्होंने नहीं दिया।

दरअसल 2024 में भी यह बयान प्रकाश राज के दावे से शेयर किया जा रहा था। दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 27 अगस्त 2024 एक रिपोर्ट के अनुसार, उस वक्त उन्होंने एक्स पर MeghUpdates द्वारा शेयर किए गए इस बयान का खंडन किया था और कहा था कि दक्षिणपंथी समूहों द्वारा उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह के झूठे बयान गढ़े जा रहे हैं।

हालांकि MeghUpdates ने वह पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया था। उसपर प्रकाश राज का रिप्लाई नीचे देखा जा सकता है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह बयान उनका नहीं है।

इस संबंध में प्रकाश राज का 28 अगस्त 2024 को किया गया एक अन्य पोस्ट भी देखा जा सकता है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा उनके बारे में गलत सूचना और झूठे बयान फैलाने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही थी।

दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए इंटरव्यू में प्रकाश राज ने यह भी बताया था कि इसके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा था, "यह एक आम रणनीति है. दक्षिणपंथी लोग इस तरह के बयान गढ़ते हैं और अपने झूठ को प्रचारित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। उनका उद्देश्य मुझे हिंदुओं के खिलाफ एक व्यक्ति के रूप में पेश करना है।"

दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट

हालांकि विभिन्न मौकों पर प्रकाश राज आरएसएस की आलोचना करते नजर आए हैं पर हमारी जांच में यह स्पष्ट है कि यह बयान उन्होंने नहीं दिया। हमने पड़ताल में यह भी पाया कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में से एक है और यहां लगभग दस हजार हिंदू मंदिर हैं।

(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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