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Hindi News ›   Fact Check ›   Paying bills to Kerala government is routine practice of Indian Air Force

Fact Check: केरल सरकार को बिल देना भारतीय वायु सेना का नियमित अभ्यास, केंद्र सरकार से कोई संबंध नहीं

Fri, 20 Dec 2024 08:40 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 20 Dec 2024 08:40 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना ने केरल सरकार को आपदा बचाव कार्य के लिए बिल भेजा है। दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार केरल से नफरत करती है। 

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Paying bills to Kerala government is routine practice of Indian Air Force
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक न्यूज कटिंग वायरल हो रही है। इसमें एक हेलीकॉप्टर की तस्वीर नजर आ रही है। इसके साथ एक हेडलाइन भी नजर आ रही है जिसमें लिखा है “केंद्र ने केरल से भूस्खलन आपदा के दौरान बचाव कार्यों के लिए पैसे मांगे हैं। 
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क्या है दावा 
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार केरल से नफरत करती है इसलिए बचाव कार्यों के लिए पैसे मांगे गए हैं। 

मिनी नायर (@minicnair) ने वीडियो शेयर करके लिखा “वायनाड भूस्खलन आपदा के दौरान बचाव कार्यों के लिए पैसे मांगना, वे सचमुच केरल से नफरत करते हैं! (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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दुष्यंत नगर (@DushyantNaagar) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “वायनाड भूस्खलन आपदा के दौरान बचाव कार्यों के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं”  (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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इसी तरह के कई और एक्स पोस्ट आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इंटरनेट पर इस मुद्दे के बारे में सर्च करने की कोशिश की। जांच करने पर हमें 14 दिसंबर की द न्यू इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया था कि भारतीय वायु सेना (IAF) ने वायनाड भूस्खलन के दौरान किए गए एयरलिफ्टिंग और बचाव कार्यों के लिए केरल सरकार को ₹132.62 करोड़ का बिल दिया था। इस बिल में 2018 की बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों का शुल्क भी शामिल है। भारतीय वायुसेना द्वारा आपदा बचाव गतिविधियों के लिए राज्य सरकार को बिल भेजना एक नियमित अभ्यास है। जैसा कि सशस्त्र बलों द्वारा नागरिक प्राधिकरण को सहायता के लिए निर्देश - 1970 में उल्लिखित है।

इसके अलावा हमें GOVERNMENT ACCOUNTING RULES, 1990 नाम से एक सरकारी दस्तावेज मिला। जिसमें लिखा गया है कि  जब सैन्य बलों को गैर-सैन्य कर्तव्यों जैसे कि औपचारिक गतिविधियों, ध्वज मार्च या आपदा राहत के लिए तैनात किया जाता है, तो होने वाले खर्च (जैसे, परिवहन, उपकरण) का भुगतान संबंधित राज्य या नागरिक विभाग द्वारा की जानी चाहिए। 

पड़ताल का नतीजा 
पड़ताल से पता चलता है कि आपदा राहत और अन्य जरूरतों के लिए भारतीय वायुसेना को राज्य सरकार को बिल भेजना एक नियम है। इसमें केंद्र सरकार का किसी राज्य से नफरत होने से कोई संबंध नहीं है।

 
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