Fact Check: पुंछ के मेंढर में गोलीबारी के पुराने वीडियो को कठुआ की घटना बताकर किया दा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें गोली बारी का आवाजे सुनाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह कठुआ की हालिया घटना है।
विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हाल ही में हुई मुठभेड़ का है।
बाबा बनारस (@RealBababanaras) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “कठुआ के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच फिर से मुठभेड़” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
Fresh gun battle in Kathua forests between security forces, terrorists
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) April 1, 2025
More details to follow pic.twitter.com/F4ZBnzV4Rs
सलमानअली (@salmana32488832) नाम के एक एक्स यूजर ने भी इस वीडियो को इसी कैप्शन “कठुआ के जंगलों में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच फिर से मुठभेड़”
के साथ शेयर किया। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
Fresh gun battle in Kathua forests between security forces, terrorists
— salmanali (@salmana32488832) April 1, 2025
More details to follow pic.twitter.com/uwccxW4N1U
इसी तरह के कई और दावे आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें बाबा बनारस नाम के एक्स अकाउंट पर यह वीडियो 15 सितंबर 2024 को पोस्ट मिला। इस वीडियो को “पुंछ के मेंढर में हमारे सुरक्षाबलों और पाकिस्तानी आतंकवादियों के बीच अभी भी भारी गोलीबारी जारी है। हमारे उन सैनिकों के लिए प्रार्थना करें जो पाकिस्तान के साथ अघोषित युद्ध लड़ रहे हैं।” इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया था। इसी अकाउंट के द्वारा वीडियो को हाल ही में कठुआ का बताकर भी शेयर किया जा रहा है। इससे हमें यह समझ में आ गया कि वीडियो पुराना है।
आगे हमें सर्च करने पर एएनआई पर भी यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 15 सितंबर 2024 को पोस्ट किया गया था। वीडियो को शेयर करके बताया गया था कि “पुंछ के मेंढर सेक्टर के पठानतीर इलाके में कल रात गोलीबारी की आवाजें आने के बाद सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पृष्ठभूमि में गोलियों की आवाजें सुनी जा सकती हैं।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो पुराना है जिसे हालिया बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।