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Hindi News ›   Fact Check ›   Old video of drone attack from Myanmar viral as Manipur

Fact Check: म्यांमार के पुराने वीडियो को मणिपुर का बताकर किया जा रहा शेयर, जानें पड़ताल में दावे की सच्चाई

Fri, 13 Sep 2024 06:39 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 13 Sep 2024 06:39 PM IST
सार

Fact Check: ड्रोन हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को मणिपुर का बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में पता चला कि वीडियो म्यांमार का है।

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Old video of drone attack from Myanmar viral as Manipur
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है इस वीडियो में ड्रोन से ली गई कुछ तस्वीरें दिख रही हैं। वीडियो में दिख रहा है कि ड्रोन से बम को नीचे गिराया जा रहा है। ड्रोन से हमला करने की कोशिश की जा रही है हालांकि ये वीडियो कहां का है इसकी कोई जानकारी नहीं है। 
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क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो मणिपुर का है। दो व्यक्ति ड्रोन उड़ाते हुए दिखाई दे रहे थे और दावा किया कि वे कुकी समुदाय के सदस्य हैं जो मणिपुर में मैतेई बस्तियों पर बम हमले कर रहे हैं।
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एंगाउटन कीशम (@AngoutonKe51777) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा “Video leak oirakpa ngarang gi koutruk ta KUKI singna drone sijinnaraga yumda bomb thadarakpgi”
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माइकल (@michael_sag) नाम के एक एक्स अकाउंट ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “#KukiDroneAttack द्वारा मैतेई पर ड्रोन हमले”



पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए पीटीआई ने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। वहां से इसी तरह के कई और वीडियो इन्ही दावों के साथ पीटीआई को मिले। आगे और जांच करने पर मांडले फ्री प्रेस - एमएफपी के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। इस वीडियो को 2 जून 2023 को डाला गया था। चैनल स्वतंत्र प्रेस के रूप में काम करता है, जो मंडाले और सागाइंग क्षेत्रों की खबरें करता है। ये दोनों क्षेत्र म्यांमार में स्थित हैं। 



यूट्यूब पर शेयर किए गए वीडियो में कैप्शन डला हुआ था “गांव के चारों ओर हिंसा फैला रहे सैन्य समूह पर बम हमला"

इस चैनल के म्यांमार में बर्मा की भाषा में कुछ लिखा था जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस प्रकार है। “सागाइंग क्षेत्र के एर्ताओ टाउनशिप में, हत्यारे हथियारों के बल पर गांवों में घूमते रहे। डकैती अयाडॉ बोन नैइंग - एबीएन पीडीएफ ने बताया कि 31 मई को जल रहे सैन्य समूह पर हमला करने पर दो सशस्त्र समूहों की मौत हो गई, जब वे वा टैन गांव में प्रवेश कर रहे थे।

"31 मई की दोपहर को, एर्ताओ टाउनशिप के वतन गांव में प्रवेश कर रहे सैन्य समूह पर मोनीवा जिला बटालियन (19) ने हमला किया। अयाडॉ बोन नैइंग: एबीएन पीडीएफ, एमआरटीएफ गुरिल्ला फोर्स एएमटी गुरिल्ला फोर्स सै न्यो गुरिल्ला फोर्स रिफ्लेक्टिव पीडीएफ उन्होंने कहा कि उस सैन्य समूह के साथ रात 8:00 बजे आधे घंटे से अधिक समय तक लड़ाई हुई, साथ ही पट्टी न्यांग गुरिल्ला बलों के सहयोग से ड्रोन और बम हमला भी हुआ।”



आगे कुछ कीवर्ड की मदद से पीटीआई को म्यांमार नाउ की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि “म्यांमार के सैन्य शासन ने दावा किया है कि पिछले सप्ताह सागाइंग क्षेत्र में थिंगयान जल महोत्सव मंडप पर ड्रोन हमले में मारे गए आठ लोगों में पांच बच्चे भी शामिल हैं।”

पड़ताल की नतीजा
पड़ताल से ये साफ है की वीडियो म्यांमार का है और इसे मणिपुर का बताकर गलत दावा किया जा रहा है। 

 
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