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Fact Check: कर्नाटक-यूपी की दो घटनाओं को जोड़कर किया जा रहा दावा, आम आदमी के लिए विधायक ने पुलिसवाले को पीटा

Wed, 28 May 2025 07:59 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 28 May 2025 07:59 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को थप्पड़ मारा। इसके बाद क्षेत्र के विधायक ने पुलिस को मारा। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है। 

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MLA beats up police to take revenge for police slapping a poor man
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो के पहले हिस्से में दिख रहा है कि एक पुलिसवाला एक व्यक्ति को मार रहा है। वहीं, दूसरे हिस्से में नजर आ रहा है कि एक अन्य व्यक्ति पुलिस वाले के साथ मारपीट कर रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए आए एक व्यक्ति को पुलिसकर्मी ने थप्पड़ मारा। इसके बाद क्षेत्र के विधायक ने थाने में पुलिसकर्मी को सबक सिखाया।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि दो अलग-अलग वीडियो को एक साथ मिलाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। जांच में पता चला की वीडियो दो अलग-अलग जगह का है। वीडियो का पहला हिस्सा उत्तर प्रदेश की है। वही दूसरी हिस्सा कर्नाटक राज्य का है। 

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  क्या है दावा
  सोशल मीडिया एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को मारा इसलिए विधायक ने पुलिस को सबक सिखाने के लिए पुलिस को मारा है।

आर्मी फेक्ट प्रो नाम के यूट्यूब यूजर ने वीडियो को शेयर कर लिखा “विधायक ने थाने में घुसकर पुलिस की निकाली अकड़“। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं। 

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  पहली वीडियो क्लिप
  
 

दूसरी क्लिप

 

इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें  एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) समाचार एजेंसी के एक्स हैंडल पर एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल वीडियो दिख रहा था। यह रिपोर्ट 18 सितंबर 2022 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के बागपत बिनौली पीएस इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन से अटैच कर दिया गया और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई, क्योंकि उसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उसने एक व्यक्ति को थप्पड़ मारा था, जो अपनी लापता भतीजी के बारे में शिकायत दर्ज कराने गया था।  

इसके बाद आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया है। यहां हमें एक रिपोर्ट मिली। यहां से हमें पता चला कि यह घटना 2022 की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि बागपत में पुलिसकर्मी ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद से मामला एसपी नीरज कुमार जादौन के संज्ञान में आया तो सीओ को इसकी जांच सौंपी गई।  

 

 

 

दूसरी क्लिप का पड़ताल

दूसरी क्लिप की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। यह 28 दिसंबर 2024 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया कि कर्नाटक के पांडवपुरा पुलिस स्टेशन में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जगदीश के बेटे सागर ने जमीन विवाद को लेकर पुलिस अधिकारियों पर हमला कर दिया। 

 

इसके बाद हमें हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया कि के मांड्या में एक व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन में  विवाद के दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष का बेटा है और बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

  
 

दोनों क्लिप की जांच करने पर हमें पता चला कि वीडियो के एक हिस्से में दिख रही घटना 2022 की है और दूसरे हिस्से में दिख रही घटना 2024 में हुई थी। यहां से साफ है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग जगह और अलग-अलग समय की है। वीडियो में दिख रही दोनों घटना का एक दूसरे से कोई संबंध नहीं है। दो पुरानी घटनाओं के वीडियो को जोकड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

 पड़ताल का नतीजा 
  हमने अपने पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। दो अलग-अलग वीडियो को मर्ज कर के सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। 
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