फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   laim of awarding 50 marks in exam for attending Modi's rally is fake

Fact Check: फर्जी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में शामिल होने पर परीक्षा में 50 अंक देने का दावा

Mon, 10 Nov 2025 06:33 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 10 Nov 2025 06:33 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक नोटिस शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के एक विश्वविद्यालय ने नोटिस जारी कर कहा  है कि अगर विद्यार्थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में शामिल होगे तो परीक्षा में 50 अंक मिलेंगे। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

विज्ञापन
laim of awarding 50 marks in exam for attending Modi's rally is fake
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में आयोजित उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने एक स्मारक डाक टिकट जारी करने के साथ ही जनसमूह को संबोधित भी किया। इसके साथ ही रजत जयंती समारोह में प्रदेश को 8260 करोड़ की योजनाओं की सौगात भी दी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के देव भूमि विश्वविद्यालय ने एक नोटिस जारी की है, जिसमें लिखा है कि अगर विद्यार्थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में शामिल होगे , तो उन्हें परीक्षा में 50 अंक मिलेंगे। 

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि देव भूमि विश्वविद्यायल की ओर से ऐसा कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के देव भूमि विश्वविद्यालय ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में शामिल होने पर परीक्षा में 50 अंक मिलेगा। 

विज्ञापन

प्रशांत भूषण (@pbhushan1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय मोदी की रैली में शामिल होने पर 50 अंक देगा! और मोदी-मोदी चिल्लाने पर कितने अंक?“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


पड़ताल 

हमने दावे की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें देव भूमि विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर ऐसा कोई भी नोटिस नहीं मिला। 

 

इसके बाद हमने वायरल नोटिस और असली नोटिस की तुलना की। नीचे दिए गए तस्वीरों में आप देख सकते हैं। दोनों में फर्क साफ नजर आ रहा है। 

आगे की पड़ताल के लिए हमने देव भूमि के सोशल मीडिया हैंडल चेक किया। इस दौरान हमें एक्स पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 8 नवंबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल दावे को फर्जी बताया गया है। इसके साथ ही पोस्ट में लिखा है कि 09 नवंबर 2025 को डीबीयूयू के आगामी यात्रा के दौरान अंकों से संबंधित एक फर्जी नोटिस प्रसारित किया गया है।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल नोटिस को फर्जी पाया है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed