Fact Check: जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चीन को अरुणाचल प्रदेश देने की बात नहीं कही, एआई से बना है वायरल वीडियो
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चीन को अरुणाचल प्रदेश देने की बात कही है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी कुछ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सेनाध्यक्ष ने चीन को अरुणाचल प्रदेश देने की बात कही है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उपेंद्र द्विवेदी का ने चीन को पाकिस्तान का समर्थन बंद करने के लिए अरुणाचल प्रदेश चीन को देने का प्रस्ताव रखा है।
अहमद वजीर (@AhmedWazir89242) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “भारत के सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी सेना से निपटने के लिए एक अनोखा उपाय सुझाया है। उन्होंने चीन को पाकिस्तान का समर्थन बंद करने के लिए मनाने हेतु अरुणाचल प्रदेश को चीन को देने का प्रस्ताव रखा है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 24 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। इस वीडियो में 1.46 से लेकर 2.20 मिनट तक वायरल क्लिप के कुछ हिस्से देखने को मिले। इसमें कहीं भी सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अरुणाचल प्रदेश चीन को देने की बात नहीं कही है। उन्होंने भारत की नौसैनिक क्षमताओं पर गर्व व्यक्त किया। इसके साथ ही पनडुब्बी रोधी जहाज आईएनएस माहे की प्रशंसा की। समुद्री रक्षा में नौसेना के बारे में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में आधुनिक युद्धपोतों के महत्व पर बल दिया। यह बयान क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री चुनौतियों के बीच अपनी नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
यहां से पता चलता है कि सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अरुणाचल प्रदेश चीन को देने की बात नहीं कही है।
इसके बाद हमें प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) फैक्ट चेक के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 27 नवंबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो को झूठा बताया गया है। पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक डिजिटल रूप से संपादित वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि उन्होंने बीजिंग को पाकिस्तान का समर्थन करने से रोकने के लिए अरुणाचल प्रदेश को चीन को सौंपने का सुझाव दिया था और उन्होंने स्वीकार किया था कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान चीनी तकनीक ने राफेल विमानों को नष्ट कर दिया था। सेनाध्यक्ष ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल क्लिप एआई से बनाया गया, जिसे गलत सूचना फैलाने और भारतीय सशस्त्र बलों में विश्वास कम करने के लिए बनाया गया है।
इसके बाद हमने वीडियो की पड़ताल के लिए wasitai टूल से किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को एआई से बना पाया।