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Fact Check: 2008 के अंतिम संस्कार की तस्वीर को राफेल पायलट मौत से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Wed, 14 May 2025 08:26 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 14 May 2025 08:26 PM IST
सार

Fact Check: पाकिस्तान सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने से बाज नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि भारत-पाक के संघर्ष में राफेल पायलट शहीद हो गए और उनका अंतिम संस्कार हो रहा है। हमारी पड़ताल में वायरल की जा रही तस्वीर 2008 की निकली।  

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Funeral photo from 2008 shared to death of Rafale pilot Rohit Kataria
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत- पाकिस्तान के बीच 4 दिन तक चले सैन्य टकराव के बाद 10 मई को सीजफायर हो गया। सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान भारत को मात नहीं दे पाया तो सोशल मीडिया पर तरह-तरह के झूठ फैला कर खुद को दिलासा दे रहा है। इसी बीच पाकिस्तान की तरफ से सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की जा रही है, जिसमें कुछ लोग किसी के अंतिम संस्कार में शामिल दिखाई दे रहे हैं। फोटो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत-पाक संघर्ष के दौरान 7 मई को राफेल पायलट रोहित कटारिया शहीद हो गए और धर्मशाला में लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस फोटो की सच्चाई को खंगाला। पड़ताल में पता चला कि वायरल तस्वीर 16 अप्रैल,2008 में गुजरात के बमरोली क्षेत्र में ली गई थी। इसका भारत-पाक संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। 

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क्या है दावा?

वायरल तस्वीर में कुछ लोग किसी के अंतिम संस्कार में शामिल दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि 7 मई को पाकिस्तानी वायुसेना के साथ हुई झड़प में राफेल पायलट स्क्वाड्रन लीडर रोहित कटारिया शहीद हो गए और उनके अंतिम संस्कार में लोग शामिल हुए हैं। 

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(@amjadamirch) नाम के एक एक्स यूजर ने फोटो शेयर करके लिखा है, “7 मई को पाकिस्तानी वायुसेना के साथ हुई झड़प में शहीद हुए राफेल पायलट स्क्वाड्रन लीडर रोहित कटारिया (32292) का अंतिम संस्कार आज धर्मशाला में किया जा रहा है। वे अपने पीछे अपनी पत्नी शालिनी चौधरी और 2 साल के बेटे चंदन को छोड़ गए हैं।” यह पोस्ट 13 मई को शेयर किया गया था। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

अमर उजाला ने इसकी पड़ताल करने के लिए फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया, जिसके बाद हमें एलेमी की वेबसाइट पर यह तस्वीर दिखी। एलेमी लिमिटेड एक ब्रिटिश स्टॉक फोटोग्राफी एजेंसी है। एलेमी ने 17 अप्रैल 2008 को इस तस्वीर को शेयर किया था। यहां इस तस्वीर के साथ कैप्शन था कि “16 अप्रैल, 2008 को अहमदाबाद से लगभग 175 किलोमीटर (108 मील) दक्षिण में बोडेली के पास बमरोली गांव में पंद्रह स्कूली लड़कियों के सामूहिक अंतिम संस्कार में लोग शामिल हुए। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार की सुबह पश्चिमी भारत में एक बस लगभग 50 फीट (15 मीटर) गहरी नहर में गिर गई, जिससे परीक्षा देने जा रहे कम से कम 41 स्कूली बच्चों और तीन अन्य की मौत हो गई। ” इस तस्वीर का श्रेय एसोसिएटेड प्रेस के अजीत सोलंकी को दिया गया है। 

इसके बाद हमने खबर की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड को इंटरनेट पर सर्च किया। यहां हमें द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिली। यह खबर 16 अप्रैल 2008 को प्रकाशित हुई थी। खबर के अनुसार गुजरात के बोडेली गांव में नर्मदा नहर में एक बस गिर जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई , जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। 

 

आगे हमें इंडिया टुडे की भी एक खबर मिली जिसे 17 अप्रैल 2008 को प्रकाशित किया गया था। खबर में बताया गया था कि वडोदरा जिले के बोडेली गांव में आज सुबह नर्मदा नहर में एक बस के गिर जाने से 44 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर बच्चे थे जो स्कूल जा रहे थे।

 

 

हमने राफेल पायलट रोहित कटारिया की मौत के बारे में मीडिया रिपोर्ट खोजने की कोशिश की, तो हमें इस तरह का कोई रिपोर्ट नहीं मिला। अमर उजाला की 2020 की एक रिपोर्ट मे बताया गया था कि “भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए पांच राफेल विमानों का पहला बैच आज अंबाला के एयर फोर्स बेस पहुंच गया है। इन पांचों विमान को भारतीय वायुसेना के पायलट लेकर आए हैं। इन पायलटों की टीम में एक पायलट गुरुग्राम के रोहित कटारिया भी हैं।”


पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल तस्वीर 2008 की है। इसका भारत पाक के बीच संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। 

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