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Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check Video of Weapons Recovered by Police in Manipur Shared with Communal Claims

Fact Check: मणिपुर में बरामद किए गए हथियारों के वीडियो को असम का बताकर किया जा रहा सांप्रदायिक दावा

Sat, 23 May 2026 04:59 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 23 May 2026 04:59 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर हथियारों का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि असम की एक मस्जिद से ये हथियार बरामद हुए हैं। हमारी पड़ताल में यह गलत निकला है। 

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Fact Check Video of Weapons Recovered by Police in Manipur Shared with Communal Claims
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक टेबल पर हथियारों का जखीरा रखा हुआ नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि असम में एक मस्जिद के अंदर इन हथियारों को छिपा कर रखा गया था। बताया जा रहा है कि इसमें AK-47, हैंड ग्रेनेड और खतरनाक हथियार शामिल हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गालत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में पता चला कि वीडियो असम का नहीं बल्की मणिपुर से बरामद किए गए हथियारों का है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि असम की एक मस्जिद में हथियारों के जखीरे को बरामद किया गया है। 

भारत रफ़्तार टीवी (@BharatRaftarTV) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “असम की एक मस्जिद से हथियारों का जखीरा बरामद....!” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो मणिपुर पुलिस के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 21 मई को शेयर किया गया था। वीडियो के शेयर करके बताया गया था कि लामशांग इलाके में लूटे गए हथियार और गोला-बारूद बेचने के बारे में मिली एक जानकारी के आधार पर, मणिपुर पुलिस ने 20/05/2026 को लामशांग पुलिस स्टेशन के तहत लामदेंग में एक विशेष अभियान चलाया।

आगे हमें इक्नॉमिक्स टाइम्स पर इस वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स और सीआरपीएफ के साथ मिलकर, उग्रवाद-विरोधी बड़े अभियानों में 67 हथियार बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में 27 एके-सीरीज की राइफलें, 11 यूएस-निर्मित राइफलें, और भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। इंफाल पश्चिम में चलाए गए अभियानों के दौरान, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पाम्बेई गुट) के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर, पुलिस ने लामशांग इलाके में अवैध हथियारों की बिक्री को निशाना बनाते हुए एक अभियान शुरू किया। उग्रवादियों के साथियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी किए जाने के बाद, दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी हुई।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो असम की मस्जिद का नहीं बल्की मणिपुर का है। जहां पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। 

 

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