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Fact Check: झूठा है भारतीय सैनिकों का पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने का दावा, पढ़ें पूरी पड़ताल

Mon, 11 Aug 2025 07:55 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 11 Aug 2025 07:55 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Fact Check: The claim that Indian soldiers raised the slogan of Pakistan Zindabad is false, read the full inve
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में भारतीय सैनिक नजर आ रहे हैं।  वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान सीमा सुरक्षा बल ने भारतीय सैनिकों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनसे पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने को कहा। भारतीय सैनिकों के ऐसा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वीडियो में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं लगाए हैं। वायरल वीडियो तीन साल पुराना है। इसके साथ ही हमने पाया कि पाकिस्तान में सैनिकों को  पाकिस्तान सुरक्षा बल के नाम से नहीं जाना जाता है। बल्कि उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स के नाम से जाना जाता है। इनमें पंजाब रेंजर्स और सिंध रेजर्स शामिल है।  

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 क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए हैं।
सलमान खान (@SalmanK92763411)नाम के एक्स यूजर ने लिखा "पाकिस्तानी सीमा सुरक्षा बलों ने कुछ भारतीय सैनिकों को पकड़ लिया और "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" और "पाक फ़ौज ज़िंदाबाद" के नारे लगाने के बाद ही उन्हें रिहा किया। भारत के लिए अपमान का एक और पल। भारतीय सेना की कुल औकात"  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 28 जून 2022 को साझा किया गया है।  

यहां से पता चलाता है कि वायरल वीडियो तीन साल पुराना है। आगे की पड़ताल में हमें प्रेस सूचना ब्यूरो फैक्ट चेक ( पीबीआई) की पोस्ट मिली। यह पोस्ट 11 अगस्त 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल वीडियो को तीन साल पुराना बताया गया है। इसके साथ ही बताया गया है “यह जून 2022 का एक पुराना वीडियो है, जिसमें भारतीय सेना नियमित गश्त के दौरान सीमा पर पाकिस्तानी नागरिकों से टकराई थी। वीडियो में सुनाई दे रही नारेबाजी पाकिस्तानी नागरिकों की है, भारतीय सैनिकों की नहीं। यह वीडियो पाकिस्तानी अकाउंट्स द्वारा जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से प्रसारित किया जा रहा है।  पाकिस्तानी सेना ने किसी भी भारतीय सैनिक को नहीं पकड़ा।“ 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। हमने पाया कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं लगाए हैं। 

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