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Fact Check: राजस्थान में किसानों की ट्रैक्टर रैली को अरावली के लिए हो रहे प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Tue, 23 Dec 2025 07:56 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 23 Dec 2025 07:56 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में ट्रैक्टरों की रैली को अरावली को लेकर हो रहे प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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Fact Check farmers' tractor rally in Rajasthan shared and linked to the Aravalli movement
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अरावली पर्वत की नई परिभाषा तय करने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में हजारों की संख्या में गाड़ियां नजर आ रही है। इसके साथ ही कुछ ट्रक भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में हजारों की संख्या में ट्रेक्टर अरावली पर्वत को बचाने के लिए निकले हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो का आरावली से जुड़े प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में हजारों की संख्या में ट्रेक्टर आरावली के बचाव में प्रदर्शन करने के लिए निकले हैं। 

comedycore.in नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “अरावली रेंज को बचाने के लिए राजस्थानी किसान एकजुट हुए और 5,100 से ज़्यादा ट्रैक्टर सड़कों पर उतरे। इस रैली में खनन, पेड़ों की कटाई और गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताई गई। किसानों ने ज़ोर देकर कहा कि राजस्थान में पानी, मिट्टी और खेती के लिए अरावली को बचाना बहुत जरूरी है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो thansingh_doli नाम के एक इंस्टाग्रामक अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 9 दिसंबर को शेयर किया गया था। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था कि “गुड़ामालानी से बाड़मेर कलेक्टर का घेराव”। इस अकाउंट के डिस्क्रिप्शन में लिखा गया था “RLP टीम बालोतरा सिवाना”। 

 

इंटरनेट पर RLP सर्च करने पर हमें पता चला कि यह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी है। जो राजस्थान में एक सर्किय राजनीतिक दल है। थान सिंह डोली इस राजनीति दल का हिस्सा है। हमें थान सिंह के नाम को इंटरनेट पर सर्च किया तो हमें इसका ऑफिशियल अकाउंट मिला। यहां उनके दो लाख से ज्यादा फ्लोवर्स हैं। उनके फेसबुक अकाउंट से पता चला कि वह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से  पचपदरा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी रह चुके हैं। उनके अकाउंट पर 9 दिसंबर को गुड़ामालानी से संबंधित कई पोस्ट मिले। 

आगे 9 दिसंबर की गुड़ामालानी में किसी प्रदर्शन के बारे में जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें 9 दिसंबर को एक खबर से पता चला कि बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी उपखंड के सैकड़ों किसान 9 दिसंबर को अपनी लंबित मांगों को लेकर 200 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट घेराव करने निकले। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी नेता थानसिंह डोली भी किसानों के साथ थे। हालांकि पुलिस-प्रशासन ने रास्ते में चार बार काफिले को रोककर समझाइश की। लेकिन किसान कलेक्टर और एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि ट्रैक्टरों का वीडियो अरावली विरोध प्रदर्शन से संबंधित नहीं है। यह किसानों का आंदोलन था। इसमें किसान अपनी कई मांगो को लेकर टैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे थे। 

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