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Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check: DRDO chief's video is being shared with a false claim, read the full investigation

Fact Check: डीआरडीओ प्रमुख के वीडियो को झूठे दावे के साथ किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Sun, 03 May 2026 01:59 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Sun, 03 May 2026 01:59 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश से सभी मिसाइलों को ग मूत्र से धोया गया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 
 

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Fact Check: DRDO chief's video is being shared with a false claim, read the full investigation
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत  बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि डॉ. कामत ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश से सभी मिसाइलों को गो मूत्र से धोया गया है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो को एडिट कर शेयर किया जा रहा है। डीआरडीओ के प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत गोमूत्र की बात नहीं की है। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है डीआरडीओ प्रमुख कामत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर सभी मिसाइल को गोमूत्र से धोया गया है। 

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क्रुएला डे विल (@MalluChique) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,' भारत के मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख डॉ. कामत ने कहा हमने अग्नि VI परमाणु आईसीबीएम में कुछ बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें निर्देश दिया था कि सभी मिसाइलों को गाय के मूत्र से धोया जाना चाहिए! इसलिए अब हम जंग से बचाव के लिए गोबर और मूत्र के मिश्रण का उपयोग करते हैं। अग्नि VI भारतीय आईसीबीएम है जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एएनआई समाचार एजेंसी के यूट्यूब चैनल पर हमें पूरा वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 30 अप्रैल 2026 को साझा किया गया है। यह वीडियो 1 घंटे 5 मिनट का है। लेकिन कहीं भी हमें वायरल वीडियो में किए जाने वाला दावा सुनने को नहीं मिला। 

 


आगे की पड़ताल में हमें पीआईबी फैक्ट चेक के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 1 मई को 2026 को साझा की गई है। इस पोस्ट में  वायरल दावे को झूठा बताया गया है।  पोस्ट में  लिखा है कि कि सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो में डिजिटल रूप से हेरफेर किए गए वीडियो में डॉ. समीर वी. कामत, अध्यक्ष, के नाम से झूठे बयान दिए गए हैं। अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एडिट किया हुआ पाया है।

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