Fact Check: एडिटेड है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर चप्पल फेंकने के दावे वाला वीडियो, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एमके स्टालिन के ऊपर चप्पल फेंकी गई है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन किसी रैली में नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि रैली में एम के स्टालिन के ऊपर चप्पल फेंकी गई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल दावा फर्जी है। एम के स्टालिन पर चप्पल नहीं फेंकी गई।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पर चप्पल फेंकी गई है।
आर्या टीवीके नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक तस्वीर शेयर कर लिखा,”रैंप वॉक के दौरान एमके स्टालिन पर चप्पलें फेंकी गईं।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि इस दौरान हमें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के ऊपर चप्पल फेंकने की कोई खबर नहीं मिली।
इसके बाद हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें पीटीआई के एक्स हैंडल पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो वायरल तस्वीर से मिलताजुलता नजर आ रहा है। यह वीडियो 7 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इस वीडियो में हमें कहीं भी मुख्यमंत्री पर कोई चप्पल फेंकते नजर नहीं आया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन डीएमके की युवा शाखा के सम्मेलन के लिए विरुधुनगर पहुंचे हैं।
इसके बाद हमने टाइम्स नाउ सेइथी के यूट्यूब चैनल पर वायरल तस्वीर से संबंधित क्लिप देखने को मिली। यह वीडियो 8 फरवरी 2026 को प्रकाशित किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि विरुधुनगर जिले के करियापत्ती के पास कलकुरिची कलाइग्नार थिदल में डीएमके दक्षिणी जोन युवा विंग की कार्यकारिणी की बैठक भव्य रूप से आयोजित की गई। यहां भी हमें कही भी मुख्यमंत्री पर चप्पल फेंकने की क्लिप नहीं दिखी।
नीचे दिए गए तस्वीर में आप फर्क देख सकते हैं। यहां कहीं भी हमें चप्पल नजर नहीं आया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को फर्जी पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर को एडिट कर शेयर किया जा रहा है।