फैक्ट चेक: दो साल से इंटरनेट पर मौजूद वीडियो को अरुणाचल में चीन सेना की ताजा घुसपैठ बताकर किया जा रहा शेयर
फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है। इस बीच भारतीय सेना के जवानों ने उन्होंने पकड़ लिया। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जवानों की वर्दी में कुछ लोग किसी को पिटते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच भारतीय सेना के जवानों ने उन्होंने पकड़ लिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो 2024 से सोशल मीडिया पर मौजूद है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है।
मनोज सिंह (@mksanalytiq) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘धमाकेदार वीडियो। पीएलए के सैनिक अरुणाचल में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। भारतीय जवानों ने उन्हें बुरी तरह पीटा, पकड़ा GPL किया। और फिर एलओसी प्रोटोकॉल के अनुसार छोड़ दिया। सीमा पर घुसने वालों का यही हाल होता है। भारतीय सेना हमेशा तैयार है। जय हिंद।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें 𝐊𝐔𝐍𝐀𝐋 𝐁𝐈𝐒𝐖𝐀𝐒 नाम के एक्स अकाउंट पर वायरल दावे से संबंधित पूरा वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 12 नवंबर 2024 को साझा किया है। आप वायरल क्लिप 55 सकेंड से देख सकते हैं। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि एलओसी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में भारतीय_सेना और पीएलएजीएफ के बीच हुई एक झड़प का लंबा वीडियो फिर से अपलोड किया गया है। इस झड़प के दौरान पीएलएजीएफ की रेडिंग पार्टी के जवान बुरी तरह थक गए और पीछे हटते हुए अपने साथियों द्वारा वहीं छोड़ दिए गए। इसके बाद, पंजाब रेजिमेंट के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और अपने कमांडिंग ऑफिसर (CO) के पास ले गए। 2020 के दौरान ऐसी झड़पें अपने चरम पर थीं।

आगे की पड़ताल में हमेंं फेसबुक पर भारतीय सेना की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 25 अक्तूबर 2026 को साझा की गई। भारतीय सेना ने वायरल दावे को फर्जी बताया है। इस पोस्ट में लिखा है यह वीडियो प्रमाणिक नहीं है और इसे गलत तरीके से हाल ही की घटना के रूप में पेश किया जा रहा है। इससे LAC पर जमीनी हालात को लेकर अफ़वाहें और भ्रम फैल रहा है।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो का संबंध मौजूदा समय से नहीं हैं। हालांकि हमें वीडियो के असल तारीख के बारे में नहीं पता चला लेकिन यह वीडियो 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो दो साल से इंटरनेट पर मौजूद पाया है।