Fact Check: झूठा है रुपये बचाने के लिए सोने के सिक्के बेचने का दावा, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सरकार ने रुपये की गिरती कीमतों से उबरने के लिए 83 हजार किलो सोने के सिक्के बेचें हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिनेश के वोहर नाम के यूजर कुछ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा है कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार रुपये को बचाने के लिए 83 हजार किलो सोने के सिक्के बेचे रही हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया हैर। हमने पाया कि ब्लूमबर्ग ने अपने रिपोर्ट को गलत बताया है। इसके साथ ही आरबीआई ने भी इस रिपोर्ट का खंडन किया।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सरकार ने रुपये को बचाने के लिए सोने के सिक्के बेचे हैं।
अजान (@Prince3957) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रुपये को बचाने के लिए सरकार ने बेचे 83 हजार किलो सोने के सिक्के। देखिए दिनेश के वोहरा का यह विश्लेषण।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें gujarat_.insight के इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 3 जून 2026 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि ब्लूमबर्ग की भारत के आसन्न वित्तीय संकट पर बड़ी खबर: क्या भारत ने 12 अरब डॉलर का सोना बेचा? राजनीतिक विश्लेषक दिलीप पटेल ने इसे "ब्लूमबर्ग की बड़ी खबर" (ब्लूमबर्ग बॉम्बशेल) बताया है। उनका दावा है कि बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच भारत ने लगभग 83,000 किलो सोना बेचा हो सकता है, जिसकी कीमत ₹1.2 लाख करोड़ (12 अरब डॉलर) है।

इसके बाद हमने ब्लूमबर्ग के वेबसाइट पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यहां बताया गाया है कि ब्लूमबर्ग न्यूज ने 2 जून को छपी एक स्टोरी वापस ले ली, जो ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के गलत एनालिसिस पर आधारित थी। इस एनालिसिस में RBI के गोल्ड रिजर्व की कीमत तय करने के लिए गलती से उसी दिन के घरेलू सोने के भाव का इस्तेमाल किया गया था। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के पिछले दिन के भाव का इस्तेमाल करने पर पता चलता है कि मई में सोने की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

आगे की पड़ताल में हमने आरबीआई की वेबसाइट पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक प्रेस विज्ञप्ति मिली। यहां बताया गया है कि आरबीआई ने ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट को खारिज किया है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।