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Fact Check: मणिपुर में भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोगों के मारे जाने का दावा झूठा, पढ़ें पड़ताल

Thu, 09 Apr 2026 06:56 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Thu, 09 Apr 2026 06:56 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मणिपुर में भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोगों की मौत हो गई है। हमारी पड़ताल में यह दावा झूठा निकला है। 

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Fact Check Claim that 200 people were killed in Indian Army firing in Manipur is misleading
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

7 अप्रैल को मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका था, जिसमें 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई। इसको लेकर प्रदर्शन शुरू हुए, इस प्रदर्शन में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में लोग भागते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही पीछे गोलियों की आवाज भी आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मणिपुर में भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोग मारे गए हैं और कई घायल हैं।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। मणिपुर में किसी भी सेना या पुलिस की कार्रवाई में 200 लोगों के मारे जाने की खबर नहीं है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि  मणिपुर में भारतीय सेना की गोलीबारी में 200 लोग मारे गए हैं और कई घायल हैं।

Jan reviews (@Osamajan114888) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “एक पाकिस्तानी होने के नाते, मैं हर जगह मानवाधिकारों के लिए खड़ा हूँ। मणिपुर की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां हिंसा और निर्दोष नागरिकों के कष्ट की खबरें आ रही हैं। भारतीय सेना ने एक ही दिन में मणिपुर के 200 प्रदर्शनकारियों को मार डाला।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से इस दावे से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट खोजने की कोशिश की। यहां हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें बताया गया हो कि मणिपुर में  200 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। यहां हमें एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 7 अप्रैल को बम हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया। 

तनाव उस वक्त और बढ़ गया, जब एक उग्र भीड़ ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के एक कैंप पर धावा बोल दिया। अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ ने कैंप में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और वहां खड़े कई वाहनों को आग लगा दी। हालात बेकाबू होने पर फायरिंग हुई, इस दौरान 5 लोग गोली लगने से घायल हो गए। इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को भी मामूली चोटें आईं।

 

आगे कीफ्रेम के माध्यम से सर्च करने पर हमें यह वीडियो हिंदुस्तान टाइम्स के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 7 अप्रैल को शेयर किया गया था। इस वीडियो को शेयर करके बताया गया था कि “मणिपुर में CRPF कैंप पर भीड़ के धावा बोलने की कोशिश के बाद हुई गोलीबारी। मोइरांग में आज सुबह रॉकेट लॉन्चर हमलों में दो बच्चों की मौत के विरोध में तेल के टैंकरों में आग लगा दी गई।” 

 

आगे हमें मणिपुर पुलिस का भी इस दावे पर एक्स पोस्ट देखने को मिला। इस पोस्ट में मणिपुर पुलिस ने दावे को पूरी तरह से झूठा बताया था। पुलिस के मुताबिक यह झूठा और गुमराह करने वाला वीडियो है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बिष्णुपुर ज़िले में सुरक्षा बलों (SFs) की एक चौकी पर लगभग 400 लोगों की हिंसक भीड़ ने हमला किया था। भीड़ द्वारा वाहनों को जलाए जाने और बैरकों को तोड़े जाने के बाद सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हो गए। सोशल मीडिया पर इस तरह की झूठी बातें फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि मणिपुर में 200 लोगों के मारे जाने का दावा पूरी तरह से भ्रामक है। 

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