फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check Claim Defense Minister supported the BLA is false no mention providing financial aid or weapons

Fact Check: रक्षा मंत्री द्वारा बीएलए का समर्थन करने का दावा झूठा, नहीं कही आर्थिक मदद और हथियार देने की बात

Mon, 25 May 2026 04:35 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Mon, 25 May 2026 04:35 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर एक दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पाकिस्तान में अलग बलूचिस्तान की मांग करने वाले संगठन बीएलए का समर्थन किया है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

विज्ञापन
Fact Check Claim  Defense Minister supported the BLA is false no mention providing financial aid or weapons
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जा रही है। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का समर्थन किया है। इसके साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि राजनाथ सिंह ने उन्हे आर्थिक और हथियारों का मदद करने की भी बात कही है। 

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे में गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। न ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तरह का कोई बयान दिया है। सरकार के फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी ने इसे पूरी तरह से गलत बताया है। इस बयान के बारे में हमें कोई मीडिया रिपोर्ट भी देखने को नहीं मिली। 

विज्ञापन

क्या है बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी 

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की स्थापना साल 2000 में हुई थी। गठन के बाद से अब तक बीएलए ने पाकिस्तान में कई हमलों को अंजाम दिया है। बीएलए का गठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग स्वायत्त क्षेत्र या अलग देश बनाने के लिए किया गया। इसमें फिलहाल 6000 बलूच लड़ाके जुड़े हैं। बीएलए में ऐसे कई लड़ाके शामिल हैं, जो हथियार चलाने और पारंपरिक संघर्ष में भी माहिर हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है दावा 

पोस्ट को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्हें आर्थिक मदद और हथियार देने का भी वादा किया है। 

खुशी अंबेडकर (@PatelKhush51313) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “एक अख़बार से बात करते हुए, @rajnathsingh राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत #BLA का पूरी तरह समर्थन करता है और BLA को आर्थिक मदद और हथियार देता रहेगा। रिपोर्टर ने हैरानी से पूछा, क्या आप पक्के तौर पर कह रहे हैं? राजनाथ सिंह ने जवाब दिया, बिल्कुल, मुझे पूरा यकीन है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते है। 


इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड से कोई मीडिया रिपोर्ट सर्च करने की कोशिश की। लेकिन यहां हमें कोई भी ऐसी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली। हमें राजनाथ सिंह के बीएलए के समर्थन को लेकर कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। आगे इसके बारे में जाचने के लिए हमने रक्षा मंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट को सर्च किया। यहां भी हमें इस दावे से जुड़ा कोई बयान या पोस्ट उनके अकाउंट पर देखने को नहीं मिला। 

आगे हमें सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी की रिपोर्ट मिली। यहां रक्षा मंत्री के इस बयान को गलत बताया गया था। पीआईबी ने इस दावे के बारे में लिखा “एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट यह दावा फैला रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत के समर्थन के संबंध में एक बयान दिया है। आगे बताया गया कि यह दावा फर्जी और मनगढ़ंत है। 

 

पीआईबी ने रक्षा मंत्री के एक हालिय संबोधन का लिंक भी शेयर किया। इस संबोधन में रंक्षा मंत्री ने कहीं भी बीएलए की बात नहीं की है। यह संबोधन महाराष्ट्र के शिरडी में NIBE लिमिटेड ग्रुप के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान किया गया था। यहां राजनाथ सिंह ने कहा था जो देश अपने हथियार खुद बनाता है, वह अपना भाग्य खुद लिखता है। 

  

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि राजनाथ सिंह का बीएलए को समर्थन करने वाला दावा पूरी तरह से झूठा है। यह केवल और केवल पाकिस्तान के द्वारा भारत के खिलाफ चलाया जा रहा प्रोपेगेंडा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed