Fact Check: बांग्लादेश के वीडियो को पश्चिम बंगाल में बुलडोजर एक्शन बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल का है। जहा भाजपा सरकार के आने के बाद अवैध अतिक्रमण को हटा जा रहा है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक बुलडोजर कई दुकानों को गिराते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का है। जहां भाजपा सरकार के आने के बाद अवैध अतिक्रमण को हटा जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो पड़ोसी देश बांग्लादेश का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भाजपा सरकार के आने के बाद अवैध अतिक्रमण को हटाया जा रहा है।
अरुण बाजपेयी राजन (@arunbajpairajan) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण थे सुवेंदु सरकार आते ही स्वाहा हो रहे हैं।अब पश्चिम बंगाल अवैध अतिक्रमण मुक्त एवं सुगम यातायात बनाने की दिशा में चल पड़ा है। ‘पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Chattogram Somoy नाम के फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां बताया गया है कि चटगांव के बादमतली जंक्शन के पास शेख मुजीब रोड पर CDA का खाली कराने का अभियान | अग्रबाद
इसके बाद हमें bangla.bdnews की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 12 मई को पोस्ट की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नाली के किनारे की ज़मीन बांग्लादेश रेलवे की है। CDA ने रैंप बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों से यह जमीन खरीदी थी। मंगलवार दोपहर को अग्रबाद में मुख्य सड़क के किनारे 0.22 एकड़ के प्लॉट पर बनी एक और दो मंज़िला इमारतों को गिरा दिया गया। वहां लगभग आधी सदी से अलग-अलग सामान बेचने वाली दुकानें चल रही थीं; ये दुकानें रेलवे से लीज़ पर ली गई ज़मीन पर बनी थीं।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को बांग्लादेश का पाया है।