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Fact Check: गुजरात के एक साल पुराने वीडियो को झूठे दावे के साथ किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Thu, 09 Apr 2026 04:45 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 09 Apr 2026 04:45 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में एक शख्स स्कूल के बाहर लड़कियों को परेशान कर रहा है, इसलिए उसकी पिटाई हो रही है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Fact Check: A one-year-old video from Gujarat is being shared with a false claim
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दो लोग एक शख्स को लाठी से मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है। जहां यह शख्स स्कूल के बाहर लड़कियों को परेशान करता था। इसके कारण इसकी पिटाई हो रही है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एक साल पुराना गुजरात का है। जहां, यात्रियों पर हमला और दंगा करने के आरोपियों पर पुलिस ने एक्शन लिया था।  

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के एक स्कूल के बाहर लड़कियों को परेशान करने के कारण एक शख्स की पिटाई हो रही है। 

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अभिषेक तिवारी (@lkoabhishek) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”नाम- मोहम्मद फिरोज उम्र- 26 वर्ष पेशा- स्कूल के बाहर लड़कियों को परेशान करना और अश्लील इशारे करना। भूल गया था कि यह उत्तर प्रदेश है - यह अखिलेश जी का लयारी नहीं, योगी जी का शानदार उत्तर प्रदेश है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 


इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द टेलीग्राम ऑनलाइन की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 15 मार्च 2025 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने बताया कि अहमदाबाद में यात्रियों पर हमला करने और दंगा करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में से छह के अवैध रूप से निर्मित घरों को शनिवार को अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया। रामोल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एसबी चौधरी ने बताया कि भीड़ द्वारा लाठियों और तलवारों से कुछ राहगीरों पर हमला करने के बाद चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए और उतने ही वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के मकान अवैध रूप से निर्मित पाए गए और शहर के अमराईवाड़ी और खोखर इलाकों में उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है।

 

इसके बाद हमें अहमदाबाद मिरर के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 15 मार्च 2025 को साझा किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि अहमदाबाद के वस्त्रा में हाल ही में हुई भीड़ हिंसा पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। भाई पुरा स्थित उनके घर को ध्वस्त कर दिया है। गुरुवार रात को हुई इस घटना में भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की और लोगों पर लाठियों और तलवारों से हमला किया, जिसके बाद 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंगा और हत्या के प्रयास सहित कई आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने घटना की जांच भी शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर और दोषियों की पहचान करने के लिए गवाहों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस की यह कार्रवाई असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक साल पुराना गुजरात का पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।

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