Fact Check: किश्तवाड़ में आंतकी मुठभेड़ में भारतीय सैनिकों के बलिदान का दावा झूठा, पड़ताल में पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सैनिकों और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई है, जिसमें कई भारतीय सैनिकों की जान गई है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सैनिकों और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई है। इस झड़प में 16 भारतीय जवानों की जान गई है। इसके साथ ही आतंकवादियों ने भारतीय सैनिकों की हथियार भी छीन लिए हैं। वहीं कुछ पोस्ट में दो सैनिकों की जान जाने का दावा किया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि हाल ही में किश्तवाड़ में सेना और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। लेकिन इस अभियान में किसी भी जवान की जान नहीं गई है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि किश्तवाड़ में भारतीय सैनिकों और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई है, जिसमें कई भारतीय सैनिक बलिदान हुए।
जुबा (@JubaSniper1997) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, "भारत अधिकृत कश्मीर के किश्तवाड़ में कश्मीरी प्रतिरोध सेनानियों और भारतीय सेना के बीच झड़प हुई। इस गोलीबारी मेंकथित तौर पर 16 भारतीय सैनिक मारे गए और कई घायल हुए, जबकि प्रतिरोध सेनानियों ने हथियारों का एक बड़ा जखीरा ज़ब्त करने में कामयाबी हासिल की।" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया है। इस दौरान हमें कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें हाल ही में सैनिकों की मारे जाने की पुष्टि की हो।
आगे की पड़ताल में हमें व्हाइट नाइट कॉर्प्स के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 2 जुलाई 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया है कि ऑपरेशन छत्रू विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर किश्तवाड़ के कंजल मांडू में एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है । आतंकवादियों का पता चल गया है। इसके साथ ही अभियान जारी है।
इसके बाद हमें द हिंदू की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 3 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों का तलाशी अभियान जारी है।हमें सूचना मिली कि किश्तवाड़ के जंगली इलाके में दो से तीन आतंकवादी छिपे हुए हैं। यह घेराबंदी और तलाशी अभियान बुधवार 2 जुलाई की रात को कुचल-चतरू बेल्ट के घने जंगलों वाले कंजल मांडू इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद शुरू किया गया।
आगे की पड़ताल में व्हाइट नाइट कॉर्प्स की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 11 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि ऑपरेशन छत्रू विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर हम जम्मू पुलिस के साथ एक संयुक्त खोज अभियान जारी की है। यह अभियान 9 अप्रैल को किश्तवाड़ के छत्रू जंगल में लॉन्च किया गया। उसी दिन देर शाम आतंकियों का पता चल गया। आकतंवादियों से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया गया और गोलीबारी शुरू हो गई। अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया गया है। अगले पोस्ट में व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि ऑपरेशन छत्रू में अपडेट। किश्तवाड़ में जारी ऑपरेशन में खराब मौसम के बावजूद भी भारतीय सैनिकों को सफलता मिली। हमने दो पकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया है। इसके साथ ही हमने एक एके और एक एम4 राइफल सहित बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किया है। फिलहाल ऑपरेशन अभी भी जारी है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को झूठा पाया है। किश्तवाड़ में किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई है। इसे शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।