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Aranyak Review: फिर ठगे गए नेटफ्लिक्स के हिंदुस्तानी ग्राहक, रवीना और रोहन के नाम पर मिली अधपकी सीरीज

Fri, 10 Dec 2021 10:53 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Fri, 10 Dec 2021 10:53 PM IST
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Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
Movie Review
अरण्यक
कलाकार
रवीना टंडन , परमब्रत चट्टोपाध्याय , जाकिर हुसैन , मेघना मलिक , तनीषा जोशी , तेजस्वी देव और आशुतोष राणा
लेखक
चारुदत्त आचार्य
निर्देशक
विनय वाइकुल
निर्माता
रमेश सिप्पी और सिद्धार्थ रॉय कपूर
ओटीटी
नेटफ्लिक्स
रेटिंग
2.0/5

भारत में ओटीटी की दुनिया आने से हिंदी सिनेमा में दिवाली है। कलाकार खुश हैं कि खूब काम मिल रहा है। बॉक्स ऑफिस या टीआरपी का कोई दबाव उन पर नहीं बचा है। निर्माता खुश हैं कि जिनकी फिल्मों के खरीदार नहीं मिल रहे थे, वे भी अब ओटीटी पर अपने नाम का सिक्का खूब चला रहे हैं। आधा दर्जन पैसे वाले ओटीटी हैं। एक के लिए साल में एक सीरीज भी बनाओ और वह ना भी चले तो उसके पास लौटकर दोबारा आने में पांच साल बीच में और हैं। इन पांच सालों में पांच अलग अलग जगह दुकानें और जमाई जा सकती हैं। ओटीटी के अलबमरदार भी इन दिनों चालीस पार की हर हीरोइन में केट विंस्लेट ही तलाश रहे हैं। लेकिन, ‘आर्या’ की कामयाबी इसकी ओरीजनल डच सीरीज है। ‘अरण्यक’ की नाकामी इसके भारत को न समझ पाने में है। रोहन सिप्पी नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘अरण्यक’ के शो रनर हैं। हरियाणा सी बोली बोलते किसी पहाड़ी गांव में बसे लोगों की कहानी उन्होंने टेलीविजन के धाकड़ लेखक कहलाने वाले चारुदत्त आचार्य से लिखवाई है। टेलीविजन और सिनेमा के बीच के नए क्षितिज ओटीटी पर उनकी पकड़ बननी अभी बाकी है।

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Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

वेब सीरीज ‘अरण्यक’ नेटफ्लिक्स के उसी सिलसिले की अगली कड़ी है जिसमें सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर फीस लेकर ये ओटीटी देसी कंटेंट के नाम पर अधपकी कहानियां ही परोसता आ रहा है। ‘बार्ड ऑफ ब्लड’, ‘वेताल’ और ‘मिसेज सीरियल किलर’ जैसी कहानियां लोग अभी भूले नहीं हैं। और, अब ये ‘अरण्यक’। टेलीविजन से निकले लोग ओटीटी में ऊंचे ओहदों पर भले बैठ गए हों लेकिन उनकी भारतीय दर्शकों को समझने की समझ टेलीविजन से आगे जाने में अभी समय लगेगा। नेटफ्लिक्स पर भारतीय दर्शक सिर्फ विदेशी सामग्री या देसी फिल्में देखने आते हैं। ओरीजनल सीरीज के नाम पर इस ओटीटी को अब भी पहचान बनानी बाकी है और ये पहचान नरतेंदुओं की कहानी से तो बनने से रही। ‘आशिकी’ के सुपरसितारे राहुल रॉय का पैकअप ऐसी ही एक फिल्म ‘जुनून’ ने कराया था। रवीना टंडन की ओटीटी पर बोहनी पर भी यही अपशकुन होता फिर से दिख रहा है।

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Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

चारुदत्त आचार्य की कहानी वेब सीरीज ‘अरण्यक’ की सबसे कमजोर कड़ी है। इसमें दर्शकों को अपने साथ जोड़ने वाला कोई कौतुक नहीं है। पूर्णिमा, अमावस्या या चंद्रग्रहण की रात को होने वाली पारलौकिक घटनाएं टेलीविजन पर इतनी घिस चुकी हैं कि इनमें अब कोई कौतुहल बचा भी है, कहना मुश्किल है। वरुण धवन के करियर का लिटमस टेस्ट ऐसी ही एक फिल्म ‘भेड़िया’ से होना है। लेकिन, रोहन सिप्पी को चारुदत्त के निजी अनुभवों से निकली कहानी पसंद आई। नेटफ्लिक्स में देसी वेब सीरीज मंजूर करने वालों को भी इसमें रस दिखा और महीने के छह सात सौ रुपये देने वाले नेटफ्लिक्स के ग्राहकों को परोस दी गई एक ऐसी वेब सीरीज जिसकी नायिका को कोतवाल होते हुए भी गर्दन की नस का नाम नहीं मालूम है। उसकी पोस्ट स्टेशन हेड ऑफिसर की है। कंधे पर तीन सितारे भी लगे हैं। लेकिन, उसकी बातें किसी होमगार्ड से ऊपर की नहीं लगतीं।

 

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Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कस्तूरी डोगरा नाम है रवीना टंडन के इस किरदार का। ससुर उसका हेड कांस्टेबल रहा, महादेव डोगरा। दोनों के बीच का रिश्ता अलग स्तर का है। कस्तूरी की पति से अपनी पटती नहीं। बेटी इम्तिहान ढंग से दे सके तो वह साल भर की छुट्टी पर जाने की तैयारी में है। बेटी लकड़ियां बीनने के दौरान अपने बॉयफ्रेंड को अपनी देह दिखाने वाले वीडियो बनाकर भेजती रहती है। वेब सीरीज ‘अरण्यक’ के किरदारों को गढ़ने में बहुत खोट हैं। एक भी किरदार इसका जम नहीं पाता है। ये हो सकता कि इन्हें असलियत के करीब रखने के लिए इनमें जानबूझकर खोट छोड़े गए लेकिन इसके लिए चारुदत्त और रोहन सिप्पी को कुछ दिन किसी असली गांव में जरूर गुजारने चाहिए।

Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कमजोर कहानी पर एक इंद्रजाल सी पटकथा है जिसमें हर चेहरा कातिल जैसा दिखाने की जिम्मेदारी इसके निर्देशक विनय वाइकुल ने संभाली है। नेटफ्लिक्स को इस सीरीज पर कितना भरोसा है, ये इसी बात से साबित होता है कि इसकी टीम पूरी सीरीज भी समीक्षकों को भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। ओटीटी की क्रिएटिव टीम को न तो भारत के बारे में ज्यादा पता दिखता है, न इसकी लोक कथाओं या दंत कथाओं के बारे में और हिंदी सिनेमा के मेकर्स और इसके कलाकारों की हिस्ट्री तो शायद वह जांचते भी नहीं हैं। रवीना टंडन ने एक्टिंग का नेशनल अवार्ड जरूर जीता है लेकिन उनके अभिनय के विस्तार की एक सीमा है। पोस्ट प्रोडक्शन में आप किसी चेहरे की सुंदरता ही गढ़ सकते हैं, चेहरे के भाव तो आज के जमाने में लाइव एनीमेशन फिल्म में भी कलाकार को ही उभारने होते हैं। सौरभ गोस्वामी का कैमरा इस मामले में दिन और रात में एक जैसी रोशनी में ही भटकता रहता है और यशा रामचंदानी ने एडीटिंग के समय कहानी को कसने की खास जहमत उठाई नहीं दिखती।

 

Aranyak Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix India raveena tondon rohan sippy ashutosh rana
अरण्यक - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

वेब सीरीज ‘अरण्यक’ में कलाकार ढेर सारे हैं। कुछ जाने पहचाने और कुछ नए से। जाने पहचाने किरदारों में आशुतोष राणा इस सीरीज को देखने की पहली वजह बनते हैं। रवीना टंडन से एक गूढ़ कहानी की मुख्य नायिका का भार उठा पाने की उम्मीद नेटफ्लिक्स को भी शायद ही रही हो। तभी कहानी में उनके साथ परमब्रत हैं। परमब्रत को पूरी सीरीज के दौरान चेहरे की सारी मांसपेशियां ताने रहने को जिसने भी कहा, उनके साथ ठीक नहीं किया। वह हंसमुख कलाकार है। ठीक है कि उनके किरदार का दुखद अतीत है लेकिन इतना भी सपाट चेहरा काम नहीं आता। सीरीज के युवा कलाकारों ने अपनी तरफ से कहानी में रंग भरने की कोशिश काफी की है लेकिन न तो तेजस्वी देव और न ही तनीषा जोशी की मेहनत इसे बचा पाने के काम आती है। वीकएंड पर बाहर जाकर एंटरटेनमेंट का मन हो तो ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ देखिए। घर में रहने का मन हो तो ‘आर्या 2’ देखिए। नेटफ्लिक्स से इस साल की देसी उम्मीदें अब ‘मिन्नल मुरली’ पर ही टिकीं हैं। हां, बीच में ‘विचर’ के दूसरे सीजन का कमाल भी हो सकता है।

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