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भाजपा नेत्री की फिल्म सेंसर बोर्ड ने की रिजेक्ट

Tue, 04 Apr 2017 04:39 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Tue, 04 Apr 2017 04:39 AM IST
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Sensor Board Rejects of BJP leader Film

सुरेंद्र मिश्र/अमर उजाला, मुंबई। समाज के मापदंड पर खरी नहीं उतरने वाली फिल्मों को सेंसर बोर्ड खारिज कर देता है। भले ही फिल्मकार सेंसर बोर्ड की समझ पर सवाल उठाए। फिल्म ‘दिल से पूछ किधर जाना है’ इसका ताजा उदाहरण है। इस फिल्म में भाजपा नेत्री वाणी त्रिपाठी ने मुख्य भूमिका निभाई है लेकिन, सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को एयू सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है। इससे यह फिल्म टेलिविजन पर प्रसारित नहीं हो पाएगी।

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अभिनेत्री वाणी त्रिपाठी इस फिल्म में सेक्सवर्कर की मुख्य भूमिका में है। फिर भी उनकी फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया। बीते बृहस्पतिवार को ही सेंसर बोर्ड ने फिल्म को एयू सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। मजे की बात यह है कि सेंसर बोर्ड में इस फिल्म के  सेंसर के दौरान महिला सदस्यों ने ही इस पर आपत्ति जताई जबकि पुरुष सदस्यों ने कुछ आपत्तिजनक सीन काटने की सलाह दी थी।
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लेकिन, महिला सदस्यों के विरोध के चलते फिल्म को रिजेक्ट कर दिया गया। फिल्म की कहानी मुंबई में हुए दंगे पर आधारित है। इसकी थीम है कि किस तरह समाज एक सेक्सवर्कर को स्वीकार नहीं करता। एक पुलिसवाला सेक्सवर्कर के  यहां छापा मारता था और उसे पकड़ता था और बाद में पुलिस वाले को सेक्सवर्कर से प्यार हो जाता है।
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दोनों घर बसा लेते हैं, लेकिन समाज ने उसे कभी स्वीकार नहीं किया। इस फिल्म की 90 फीसदी शूटिंग मुंबई में ही हुई थी। हालांकि इसे साल 2007 में एडल्ट फिल्म की श्रेणी में सेंसर बोर्ड की मंजूरी के बाद सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया गया था। बड़े पर्दे से छोटे पर्दे (टेलिविजन) पर प्रसारण के लिए दुबारा सेंसर बोर्ड से एयू सर्टिफिकेट लेना होता है लेकिन अनुमति नहीं मिली।


फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाली वाणी त्रिपाठी भाजपा की प्रवक्ता और सेंसर बोर्ड की बोर्ड मेंबर हैं। उनके अलावा इस फिल्म में छोटी भूमिका निभाने वाली मैथिली जानकर भी सेंसर बोर्ड की सदस्य हैं। लेकिन, फिल्म सेंसर के दौरान वाणी और मैथिली की एक नहीं चली। सेंसर बोर्ड सूत्रों के अनुसार महिला सदस्यों ने कहा कि टीवी पर इस तरह की फिल्में प्रसारित होने से बच्चों पर गलत असर पड़ेगा जबकि पुरुष सदस्यों ने 10-12 आपत्तिजनक दृश्यों को काट कर एयू सर्टिफिकेट देने की रजामंदी दे दी थी।

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