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'जोकर' हंसाएगा नहीं तो रूलाएगा भी नहीं

Wed, 26 Sep 2012 12:42 PM IST
अनुराधा गोयल
अनुराधा गोयल Updated Wed, 26 Sep 2012 12:42 PM IST
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joker film review

हैलो फ्रैंड्स! एलियन के बारे में तो आप सबने सुना होगा। एलियंस को लेकर कई फिल्में भी बन चुकी हैं फिर वह हॉलीवुड हो, बॉलीवुड या फिर साउथ फिल्म इंडस्ट्री। हर कोई एलियंस पर फिल्म बना चुका है और बना रहा है। आप समझ ही गए इस बार हम चर्चा करेंगे हंसी-मजाक और कॉमेडी से भरपूर फिल्म 'जोकर' की। आइए जानें बच्चों को ये फिल्म कितनी पसंद आएगी। क्या वाकई ये फिल्म एलियंस पर है, या फिर फिल्म की सच्चाई क्या है?

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कहानी
सत्तू (अक्षय कुमार) अपने गांव पगलापुर से निकलकर अमेरिका तक पहुंच गया है। लेकिन पगलापुर गांव वहीं का वहीं है। पगलापुर ऐसा गांव है जो भारत के नक्शे में नहीं है, इसीलिए सरकार इस गांव की ओर ध्यान नहीं देती। सत्तू अपनी फ्रेंड (सोनाक्षी सिन्हा) के साथ अपने पिताजी से मिलने इंडिया आता है। वहां अपने गांव के हालात सुधारने की बेहद कोशिश करता है लेकिन नाकामयाब होता है। ऐसे में सत्तू गांव वालों के साथ मिलकर एक काल्पनिक झूठ को सच में बदलता है। ये झूठ कैसे सच में बदला, ये आपको फिल्म देखने पर ही पता चलेगा। इस झूठ के बाद पूरी दुनिया में पगलापुर गांव मशहूर हो जाता है।
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अभिनय
फिल्म में यूं तो बहुत से नामी कलाकार भी हैं लेकिन अक्षय कुमार के अलावा लाइमलाइट में कोई रहा तो वे हैं श्रेयस तलपड़े। श्रेयस तलपड़े 'गोलमाल' फिल्म के तुषार कपूर की याद दिलाते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि तुषार फिल्म में गूंगे थे लेकिन श्रेयस तलपड़े एक ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं जो ना तो हिंदी है ना ही इंग्लिश। हां इसे जिब्रीश लैंग्वेज कहा जा सकता है (जो कभी भी किसी की समझ में नहीं आती लेकिन आप अंदाजे से व्यक्ति के हाव-भाव से उसकी बात को समझ सकते हैं)।
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हॉल से निकलने के बाद भी श्रेयस तलपड़े की लैंग्वेज आपको हंसा सकती है। फिल्म के एलियन 'कोई मिल गया' फिल्म के एलियन जादू की तरह गंभीर नहीं बल्कि नाचने-गाने और हंसाने वाला है, फिर चाहे वो एलियन नकली हो या असली। सोनाक्षी सिन्हा फिल्म में अच्छी लगी हैं, गानों के बीच में ठुमके लगाने के अलावा उनके पास करने को कुछ खास नहीं था। अक्षय कुमार पूरी फिल्म को और पगलापुर को लीड करते हैं। मिनिषा लांबा की एक्टिंग कोई भी अन्य कलाकार भी कर सकता था यानी उसकी कोई खास जरूरत नहीं थी फिल्म में। चित्रांगदा सिंह आइटम नंबर में खूब जमीं।

निर्देशन
शिरीष कुंदर ने कुछ सीन्स बेहद अच्छे फिल्माए हैं, लेकिन फिल्म में बीच-बीच में बहुत झोल है। पगलापुर में बिजली ना होने के बावजूद गानों के बीच में खूब बिजली दिखाई पड़ी। जुगनूओं के लैंप जहां बेहद खूबसूरत दिखे। वही दूसरी तरफ पानी ना होने पर भी दलदल दिखाई पड़े। ये कॉम्बीनेशन फिल्म में जमा नहीं। ऐसा कहा जा रहा था फिल्म बच्चों के लिए बनाई गई है लेकिन शिरीष कहीं-कहीं भटक गए, एलियंस को बहुत समय तक फिल्म में नहीं दिखाया बल्कि एलियंस को दिखाने के लिए जो भूमिका बांधी गई वो बेहद लंबी थी। शुरूआती सींस जैसे पगलापुर गांव के दृश्य जहां अच्छे बन पड़ते हैं वहीं फर्स्ट हाफ को बहुत खींचा गया जो कि कुछ जगहों पर बोर भी करता है। फिल्म में चित्रांगदा के आइटम की कोई जरूरत दिखाई नहीं पड़ती।

संगीत
'आई वॉन्ट जस्ट यू' आइटम नंबर तो पहले ही हिट लिस्ट में है वहीं फिल्म की शुरूआत तीस मार खां की धुन से होती है तो कहीं बीच में श्रेयस के गुनगुनाने में लगान फिल्म का धनन धनन घिर आए बदरा गीत की धुन भी सुनाई पड़ती है। दुदुंभी का कई जगहों बहुत ही सटीक प्रयोग हुआ है। फिल्म में 'जुगनू', 'ये जोकर', 'सिंह राजा' गाने फिल्म के बीच में खटकते नहीं।

क्यों देखें
एक फैमिली एंटरटेनिंग फिल्म है, बच्चों को फिल्म पसंद आएगी। फिल्म को सिर्फ मनोरंजन का जरिया समझने वाले लोगों के लिए ये फिल्म है। टाइम पास के लिए वन टाइम वॉच मूवी कहा जा सकता है। हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्में पसंद करने वाले युवाओं को फिल्म अच्छी लगेगी।

क्यों न देखें
जिन लोगों को गंभीर फिल्में पसंद है वो लोग इस फिल्म को देखने ना जाए। फिल्म में तुक देखने वाले और बेसिर पैर की फिल्मों को नापसंद करने वाले लोगों के लिए फिल्म नहीं है।

एक्स्ट्रा शॉट्स

  • फिल्म में अक्षय सोनाक्षी एक बार फिर साथ नजर आएंगे। यह जोड़ी इससे पहले फिल्म 'राउडी राठौड़' में दिखी थी।
  • ‘जोकर’ अक्षय कुमार की बतौर अभिनेता सौवीं फिल्म है।
  • ‘जोकर’ के प्रमोशन से पहले अक्षय और शिरीष के बीच काफी नाराजगी रही क्योंकि अक्षय को 3D फिल्म बनाने का वायदा किया गया था जबकि वास्तव में इस बात में कोई सच्चाई नहीं थी।
  • अक्षय को ‘आई वॉन्ट फक्त यू’ आइटम नंबर में इस लाइन से ऑब्जेक्शन था। अक्षय की मानें तो ‘जोकर’ बच्चों को ध्यान में रखकर बनी है तो ऐसी भाषा का प्रयोग ना हो। लेकिन अक्षय की बात तब नहीं मानी गई लेकिन बाद में सेंसर बोर्ड के कहने पर ‘आई वांट फक्त यू’ को 'आई वांट जस्ट यू' किया गया।
  • चित्रागंदा ने पहली बार कोई आइटम नंबर किया है, जिसे 6 दिन के भीतर ही किया गया। इस आइटम नंबर के दौरान उन्हें पैरों में तकलीफ भी हुई।
  • अक्षय कुमार ने शिरीष और फरहा से नाराजगी के चलते इस फिल्म के प्रमोशन में कोई उत्साह नहीं दिखाया, लेकिन प्रोफेशनल होने के नाते फिल्म कंप्लीट की। क्योंकि फिल्म की शूटिंग के बीच में ही अक्षय को समझ में आ गया था कि फिल्म में 3D का इस्तेमाल नहीं हुआ है।


फिल्म के सितारे
सितारे कहते हैं कि 'जोकर' फिल्म से शिरिष कुंदर को 'जानेमन' की असफलता का गम कुछ कम होगा। इसका कारण यह है कि यह फिल्म 31 तारीख को रिलीज हुई है जिससे फिल्म का मूलांक चार बन रहा है। यह वर्ष मूलांक चार के लिए लाभ की दृष्टि से कुल मिलाकर अच्छा है। लेकिन शिरिष को इस फिल्म से अधिक लाभ की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए क्योंकि फिल्म का कारक ग्रह शुक्र फिल्म रिलीज के एक दिन बाद ही राशि परिवर्तन करने वाला है। फिल्म के नायक अक्षय का जन्म 1967 में हुआ है जिससे इनका भाग्यांक 5 है। फिल्म की नायिका सोनाक्षी का भाग्यांक 7 है। अंकशास्त्र के अनुसार अंक 5 और 7 के बीच मित्रतापूर्ण संबंध होता है। यही वजह है कि राउठी राठौर में अक्षय और सोनाक्षी की जोड़ी हिट हुई। 'जोकर' में भी इन दोनों की जोड़ी को अच्छा रिस्पांस मिलेगा।
(राकेश झा)

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