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Fadel Shaker: पॉप स्टार रह चुके फदेल शाकिर ने सेना को किया सरेंडर, आतंकियों को सहयोग देने का भी लग चुका आरोप

Sun, 05 Oct 2025 08:38 AM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: हिमांशु सोनी Updated Sun, 05 Oct 2025 08:38 AM IST
सार

Fadel Shaker Surrenders To Lebanese Military: कभी अरब दुनिया के सुपरहिट पॉप स्टार रहे फदेल शाकिर ने सेना को सरेंडर कर दिया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं। 

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fadel shaker lebanon pop star militant surrender after 12 years ein el hilweh camp
फेडल - फोटो : एक्स

विस्तार

बेरूत से आई खबर ने पूरे अरब संगीत जगत को हिला दिया है। कभी अरब दुनिया का सुपरहिट पॉप स्टार रह चुका फदेल शाकिर अब 12 साल बाद फिर सुर्खियों में है- लेकिन इस बार किसी नए गाने की वजह से नहीं, बल्कि अपने आत्मसमर्पण के कारण। वो कलाकार जिसने 2000 के दशक में अपने रोमांटिक गीतों से लाखों दिलों को जीत लिया था, वही इंसान बाद में कट्टरपंथ की राह पर चला गया और अब लेबनानी सेना के हवाले हो चुका है।
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कभी म्यूजिक चार्ट का सितारा
फदेल शाकिर का नाम 2002 में उस वक्त पूरे अरब में छा गया जब उनका पहला एल्बम रिलीज हुआ। उनकी मधुर आवाज और गहराई भरे गीतों ने उन्हें शोहरत के शिखर पर पहुंचा दिया। लेकिन लगभग एक दशक बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। बताया जाता है कि शाकिर ने कट्टर सुन्नी मौलवी शेख अहमद अल-असीर के संपर्क में आने के बाद संगीत से किनारा कर लिया और अल्लाह के रास्ते पर चलने का एलान किया।
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साल 2013 में दक्षिण लेबनान के सिदोन शहर में अल-असीर के समर्थकों और सेना के बीच भीषण संघर्ष हुआ। इस दौरान 18 सैनिकों की मौत हुई। इस हिंसा के बाद फदेल शाकिर पर भी उकसाने और आतंकियों को सहयोग देने का आरोप लगा। अदालत ने उन्हें गैरहाजिरी में 22 साल की सजा सुनाई और वह फरार हो गए।
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12 साल तक शरणार्थी कैंप में छिपा रहा स्टार
फदेल शाकिर ने खुद को वर्षों तक सिदोन के पास स्थित 'आइन अल-हिलवेह' फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप में छिपाकर रखा। यह वही इलाका है जहां लेबनानी सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच सीमित रहती है। आखिरकार शनिवार रात, 12 साल बाद, उन्होंने सैन्य खुफिया एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह सरेंडर कुछ मध्यस्थों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद संभव हुआ।

अब फदेल शाकिर को नई कानूनी प्रक्रिया के तहत दोबारा पूछताछ का सामना करना होगा। जिन सजाओं को उन्होंने फरारी के दौरान झेला था, वे कानूनी रूप से रद्द मानी जाएंगी, लेकिन उनके खिलाफ नए आरोपों की जांच की जाएगी।

'मैंने खून-खराबे का समर्थन कभी नहीं किया'
शाकिर पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने सिदोन संघर्ष में कोई हथियार नहीं उठाया और न ही हिंसा को बढ़ावा दिया। हालांकि, 2013 की एक वीडियो फुटेज में उन्हें दाढ़ी और कट्टर भाषा में सेना को अपशब्द कहकर अपमानित करते हुए देखा गया था। इस वीडियो ने उनकी छवि को और भी विवादास्पद बना दिया था।


संगीत में वापसी की कोशिश 
दिलचस्प बात यह है कि इसी जुलाई में फदेल शाकिर और उनके बेटे मोहम्मद ने मिलकर एक नया गाना रिलीज किया था, जिसने यूट्यूब पर 113 मिलियन से अधिक व्यूज बटोरे। लोगों ने उनकी संगीत वापसी को सराहा, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही महीनों में वे जेल की राह पकड़ेंगे।
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