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इंटरव्यू: 'हमेशा से बहुत विद्रोही रही हूं, जो लगा मैंने बोला', ‘हुंकार’ में अपने किरदार पर क्या बोलीं फातिमा?
सार
Fatima Sana Shaikh Interview: बाल कलाकार के तौर पर 'चाची 420' से शुरुआत करने वाली फातिमा सना शेख ने 'दंगल' समेत कई हिट फिल्में दी हैं। अब वह सीरीज 'हुंकार' में पहली बार पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आ रही हैं।
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फातिमा सना शेख,अभिनेत्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
'हुंकार' की कहानी 17 साल की मीनू रावत के इर्द-गिर्द घूमती है। अमर उजाला से बातचीत में फातिमा कहती हैं, 'यह बहुत अच्छी तरह लिखी गई कहानी है। ऐसा नहीं है कि पहली बार इस मुद्दे पर कहानी बनी है। लेकिन यहां कई आवाजें हैं। हर किरदार की अपनी आवाज है। चाहे वह वकील हो, पुलिस हो या मीनू, जो पीड़ित है। एक ही विषय और परिस्थिति को लेकर सबका अपना नजरिया है। यह बहुत दिलचस्प है।'
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फातिमा सना शेख
- फोटो : इंस्टाग्राम@fatimasanashaikh
'एक्शन और कट के बीच ही मेरा काम'
सेट पर गंभीर और संवेदनशील कहानियों के बीच शूटिंग के तनाव को लेकर फातिमा कहती हैं, 'एक्शन और कट के बीच में ही मेरा काम होता है। उसके बाद या उसके पहले तो मैं खुश ही रहती हूं। पहले लाइन बार-बार याद करते हैं। तैयारी का तनाव होता है। लेकिन जब आप प्रवाह में आ जाते हो, कई टेक होते हैं, तो अपना रिदम ढूंढ लेते हो।'
सेट पर गंभीर और संवेदनशील कहानियों के बीच शूटिंग के तनाव को लेकर फातिमा कहती हैं, 'एक्शन और कट के बीच में ही मेरा काम होता है। उसके बाद या उसके पहले तो मैं खुश ही रहती हूं। पहले लाइन बार-बार याद करते हैं। तैयारी का तनाव होता है। लेकिन जब आप प्रवाह में आ जाते हो, कई टेक होते हैं, तो अपना रिदम ढूंढ लेते हो।'
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फातिमा सना शेख
- फोटो : इंस्टाग्राम @fatimasanashaikh
'एक ही जिंदगी में कई जिंदगियां जीती हूं'
अभिनय को लेकर उनका नजरिया भी अलग है। फातिमा कहती हैं, 'आप हर रोज कुछ नया सीखते हो और बदलते हो। आप उस किरदार की जिंदगी जी रहे होते हो। ऐसे अनुभव मिलते हैं, जो शायद अपनी असल जिंदगी में कभी न मिलें। एक अभिनेता के तौर पर हम बहुत भाग्यशाली हैं कि एक ही जिंदगी में कई जिंदगियां जीने का मौका मिलता है।'
अभिनय को लेकर उनका नजरिया भी अलग है। फातिमा कहती हैं, 'आप हर रोज कुछ नया सीखते हो और बदलते हो। आप उस किरदार की जिंदगी जी रहे होते हो। ऐसे अनुभव मिलते हैं, जो शायद अपनी असल जिंदगी में कभी न मिलें। एक अभिनेता के तौर पर हम बहुत भाग्यशाली हैं कि एक ही जिंदगी में कई जिंदगियां जीने का मौका मिलता है।'
फातिमा सना शेख
- फोटो : इंस्टाग्राम
'अपनी बात कहने से कभी पीछे नहीं हटीं फातिमा'
फातिमा हमेशा से अपनी बात खुलकर रखने के लिए जानी जाती हैं। वह कहती हैं, 'मैं हमेशा से बहुत विद्रोही रही हूं। मुझे जो लगा, मैंने बोला। यह मेरा स्वभाव है। मेरे मां-बाप भी वैसे ही थे। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने मेरे भाई और मुझे बराबरी से रखा। आज जब आप बराबरी के माहौल में बड़े होते हो, तो बाहर कोई कुछ कहे तो आप उसका जवाब दे सकते हो। क्योंकि घर का वह सपोर्ट सिस्टम और रिश्ता आपको अलग तरह की ताकत देता है।'
फातिमा हमेशा से अपनी बात खुलकर रखने के लिए जानी जाती हैं। वह कहती हैं, 'मैं हमेशा से बहुत विद्रोही रही हूं। मुझे जो लगा, मैंने बोला। यह मेरा स्वभाव है। मेरे मां-बाप भी वैसे ही थे। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने मेरे भाई और मुझे बराबरी से रखा। आज जब आप बराबरी के माहौल में बड़े होते हो, तो बाहर कोई कुछ कहे तो आप उसका जवाब दे सकते हो। क्योंकि घर का वह सपोर्ट सिस्टम और रिश्ता आपको अलग तरह की ताकत देता है।'
फातिमा सना शेख
- फोटो : इंस्टाग्राम-@fatimasanashaikh
'इंडस्ट्री में हमेशा सुरक्षित महसूस किया'
इंडस्ट्री में महिलाओं के अनुभव और ऐसी स्थिति में 'हुंकार' की जरूरत पर फातिमा अपने अब तक के सफर को याद करती हैं। वह कहती हैं, 'मैंने बहुत ही बढ़िया लोगों के साथ काम किया है। मैं चाइल्ड एक्टर रही हूं। उसके बाद भी मैंने बहुत अच्छे लोगों के साथ काम किया है, जहां मैं ऐसी स्थिति में नहीं थी कि मुझे कुछ बोलना पड़े। बल्कि मैंने खुद को हमेशा सुरक्षित महसूस किया। करण, सोनाली बोस, नितेश तिवारी, राज सिंह चौधरी, विवेक सोनी, मेघना गुलजार और तरुण जैसे बहुत अच्छे मेकर्स के साथ काम किया है। मैंने हमेशा मजबूत किरदार निभाए हैं और इन मेकर्स में संवेदनशीलता रही है। वहां बराबरी की एक सहज भावना रही है।'
इंडस्ट्री में महिलाओं के अनुभव और ऐसी स्थिति में 'हुंकार' की जरूरत पर फातिमा अपने अब तक के सफर को याद करती हैं। वह कहती हैं, 'मैंने बहुत ही बढ़िया लोगों के साथ काम किया है। मैं चाइल्ड एक्टर रही हूं। उसके बाद भी मैंने बहुत अच्छे लोगों के साथ काम किया है, जहां मैं ऐसी स्थिति में नहीं थी कि मुझे कुछ बोलना पड़े। बल्कि मैंने खुद को हमेशा सुरक्षित महसूस किया। करण, सोनाली बोस, नितेश तिवारी, राज सिंह चौधरी, विवेक सोनी, मेघना गुलजार और तरुण जैसे बहुत अच्छे मेकर्स के साथ काम किया है। मैंने हमेशा मजबूत किरदार निभाए हैं और इन मेकर्स में संवेदनशीलता रही है। वहां बराबरी की एक सहज भावना रही है।'