Neeraj Pandey: केवल एक्शन दृश्यों के सहारे नहीं चल सकती फिल्में, जानें नीरज पांडे ने क्यों कही यह बात?
नीरज ने अपने करियर की शुरुआत ए वेडनसडे से की थी। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था। इसके बाद उन्होंने बेबी, स्पेशल 26 और एमएस धोनी जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीरज पांडे इन दिनों वेब सीरीज द फ्रीलांसर- द कंक्लूजन की वजह से चर्चा में हैं। बॉलीवुड में कई सुपरहिट फिल्में बना चुके निर्देशक हाल ही में एक बातचीत के दौरान एक्शन फिल्मों पर अपनी राय रखते नजर आए। उनके मुताबिक दर्शकों को प्रभावित करने के इरादे से कोई केवल बड़े कैनवास वाले प्रोजेक्ट नहीं बना सकता।
बता दें कि नीरज ने अपने करियर की शुरुआत ए वेडनसडे से की थी। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था। इसके बाद उन्होंने बेबी, स्पेशल 26 और एमएस धोनी जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। ओटीटी पर उनकी जासूसी एक्शन थ्रिलर स्पेशल ऑप्स को खूब पसंद किया गया था। एक्शन फिल्मों को लेकर हाल ही में उन्होंने एक बातचीत में कहा, “ किसी भी फिल्म की कहानी का प्रासंगिक होना महत्वपूर्ण होता है। कहानी बुनियादी स्तर पर क्लिक होनी चाहिए। आप किसी फिल्म या विषय-वस्तु को सिर्फ ऐसे ही कायम नहीं रख सकते... । आपको कुछ ऐसा करना होता है जो भावनात्मक स्तर पर क्लिक करे। केवल एक्शन से ही काम नहीं चल सकता है। इसमें कुछ तो होना ही चाहिए।''
Box Office Report: रविवार को तेज हुई एनिमल की दहाड़, जानें बाक्स ऑफिस पर कैसा रहा सैम बहादुर का कलेक्शन
बता दें कि द फ्रीलांसर - द कन्क्लूजन के निर्माता और लेखक नीरज पांडे हैं, जबकि सीरीज का निर्देशन भाव धूलिया ने किया है। इससे पहले वे खाकी: द बिहार चैप्टर बना चुके हैं। इस आगामी शो में मोहित रैना, कश्मीरा परदेशी और अनुपम खेर जैसे कलाकार हैं। यह सीरीज 15 दिसंबर से स्ट्रीम होगा। फैंस को इसका लंबे समय से इंतजार है।
Amitabh Bachchan: नाती अगस्त्य के डेब्यू के बाद किस बात के लिए निराश हैं बिग बी? पोस्ट साझा कर किया खुलासा