सनी बन गईं हैं देश की सेक्स एजुकेशन टीचर!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनी लियोनी की फिल्में भले पिट रही हैं परंतु गूगल सर्च में वह टॉप पर हैं। अमेरिका में भी इस बात की चर्चा है। लॉस एंजिल्स टाइम्स में प्रकाशित एक लेख के अनुसार इस पूर्व पोर्न स्टार को ज्यादातर भारतीय समाज ने स्वीकार कर लिया है।
सनी लियोनी बॉलीवुड में काम कर रही हैं परंतु अमेरिका में उनकी चर्चा बरकरार है। उल्लेखनीय है कि सनी एक समय वहां की सबसे लोकप्रिय पोर्न स्टार में से एक थीं। अमेरिकी अखबार लॉस एंजिल्स टाइम्स की वेबसाइट पर पिछले सप्ताह भारत में सनी के कामकाज तथा छवि को लेकर लंबा लेख प्रकाशित हुआ है।
जिसमें बताया गया कि दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड में सेक्स को लेकर बहुत संकोच हैं और यहां बड़े सितारे पर्दे पर चुंबन तक नहीं करते, ऐसे में वहां दूसरी तरफ सनी लियोनी हैं! जिसके पास भी इंटरनेट कनेक्शन है वह देख सकता है कि सनी ‘किस’ से कहीं अधिक कर सकती हैं, और कई भारतीयों ने यह देखा है।
लेख के अनुसार सनी लगातार गूगल में देश की सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली शख्सियतों में शामिल हैं और उन्हें बॉलीवुड फिल्मों में रोल के लिए कम और अमेरिका की बड़ी पूर्व पोर्न स्टार के रूप में ज्यादा सर्च किया जाता है।
भारतीय समाज में सनी की स्वीकार्यता कमाल है
लेख में सनी के साथ बातचीत भी दर्ज है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अपने बैकग्राउंड (पोर्न स्टार) के लिहाज से उन्होंने बॉलीवुड में जो हासिल किया है, वह असंभव के संभव होने जैसा है। आलेख में भारत को ऐसा समाज बताया गया है जो आधुनिक होने की तरफ तो बढ़ रहा है मगर सार्वजनिक नैतिकता का चोला ओढ़े है।
यहां कामसूत्र जैसा ग्रंथ लिखा गया मगर पोर्न पर प्रतिबंध है। यहां पुलिस उन लोगों को गिरफ्तार कर लेती है जो सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम प्रदर्शन करते हैं। स्कूलों में यौन शिक्षा नहीं के बराबर है और आज भी युवा ऐसे इंसान से शादी कर लेते हैं, जिसे उन्होंने देखा तक नहीं। आलेख के अनुसार इन हालात में सनी लियोनी नेशनल सेक्स एजुकेशन टीचर बन कर उभरी हैं।
लेख में सनी के हवाले से कहा गया है कि उन्हें अपने पूर्व करिअर को लेकर कोई शिकवा नहीं है और वह उनकी निजी पसंद था। सनी ने पोर्न को लेकर भी आलेख में बातें की हैं। इसमें सनी को लेकर भारत में राजनीतिक विरोध की बातें भी दर्ज हैं। आलेख के अनुसार, भारत के अनेक मध्यमवर्गीय परिवारों के सिने-दर्शक सनी की फिल्में नहीं देखते और इंडस्ट्री के बड़े सितारे उनसे विनम्र दूरी बनाए रखते हैं। परंतु ऐसा लगता है कि भारत के अधिसंख्य लोगों ने उन्हें स्वीकार लिया है।
आलेख में ‘इंडिया इन लवः मैरिज एंड सेक्सुएलिटी इन ट्वेंटीफर्स्ट सेंचुरी’ की लेखक इरा त्रिवेदी के हवाले से कहा गया है कि सनी लियोनी भारत में हो रही सेक्स क्रांति का हिस्सा हैं, जहां सेक्स अब बंद दरवाजे की चीज नहीं रह गया है और लोग इसके प्रति उत्सुक हैं। इसे खुलेपन से स्वीकार रहे हैं। इरा के अनुसार सनी के भारत आने का इससे बढ़िया समय नहीं हो सकता था। पांच-सात साल पहले वह आतीं तो उन्हें शायद इतना समर्थन नहीं मिलता। वहीं प्रकाशक चिक्की सरकार ने आलेख में सनी पर टिप्पणी की है कि वह ‘गर्ल-पावर आइकन’ जैसी बन गई हैं।
बॉलीवुड छोड़ने का मन बना रही थीं सनी लियोनी
साल 2013 में जब सनी की दूसरी बॉलीवुड फिल्म जैकपॉट फ्लॉप हो गई थी तब वह और उनके पति डेनियल वेबर बॉलीवुड छोड़ कर वापस लॉस एंजिल्स के शरमन ओक फुटहिल्स स्थित अपने घर लौटने का मन बना रहे थे। तभी सनी का आइटम डांस ‘बेबी डॉल’ आया और उनके पैर जम गए।
परंतु अब हालात फिर डांवाडोल हैं और 2015 तथा 2016 में एक पहेली लीला, कुछ कुछ लोचा है, मस्तीजादे, वन नाइट स्टेंड जैसी उनकी फिल्में फ्लॉप रही हैं। स्थिति यह है कि सनी की आने वाली फिल्म को खरीदने के लिए वितरक तैयार नहीं हैं। उनकी एक फिल्म अधूरी बनी पड़ी है।
उनकी सनी लियोनी की बायोपिक की चर्चा पिछले दिनों थी, परंतु जिस प्रोडक्शन हाउस के साथ उनकी यह फिल्म बननी थी उसने अपनी लगातार पांच फ्लॉप फिल्मों की वजह से हाल फिलहाल निर्माण से हाथ खींचने की घोषणा की है। ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि सनी फिर से अमेरिका में खबरों की जगह चाहती हैं ताकि वह वहां लौटने पर कारोबारी सुर्खियों में बनी रहें। अतः वह अमेरिकी मीडिया तक नए सिरे से पहुंच बना रही हैं।