Shomu Mukherjee: बिना तलाक लिए पत्नी तनुजा से अलग रहने लगे थे शोमू, अजय देवगन और काजोल की शादी के भी थे खिलाफ
हिंदी सिनेमा के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर शूमो मुखर्जी की आज पुण्यतिथि है। शोमू मुखर्जी का जन्म 19 जून 1943 को जमशेदपुर में हुआ था। वहीं, 10 अप्रैल 2008 को बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था।
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हिंदी सिनेमा के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर शूमो मुखर्जी की आज पुण्यतिथि है। शोमू मुखर्जी ने कई हिट फिल्में दी थी। इसमें 'पत्थर के इंसान', 'संगदिल सनम' और 'नन्हा शिकारी' जैसी फिल्में शामिल हैं। शोमू मुखर्जी का जन्म 19 जून 1943 को जमशेदपुर में हुआ था। वहीं, 10 अप्रैल 2008 को बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। आज शोमू मुखर्जी की पुण्यतिथि पर हम आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्से बताने जा रहे हैं।
सोमू मुखर्जी अपने बेजोड़ काम के कारण इंटस्ट्री में लोकप्रिय थे। उन्होंने मुख्य रूप से बंगाली सिनेमा में काम किया था। उन्होंने अपने निर्देशन और लेखन के बल पर इंडस्ट्री में बहुत सम्मान पाया। शोमू मुखर्जी के पिता शशधर मुखर्जी हिंदी सिनेमा में एक फिल्म निर्माता थे। वहीं, मां सति रानी देवी अनूप कुमार, अशोक कुमार और किशोर कुमार की इकलौती बहन थीं।
पत्नी से रहते थे अलग
शोमू मुखर्जी और तनुजा की मुलाकाता साल 1972 में 'एक बार मुस्कुरा दो' के सेट पर हुई थी। एक साल के अफेयर के बाद ही दोनों ने शादी कर ली थी। दोनों के दो बेटियां काजोल और तनीषा हैं। शादी के कुछ वर्षों बाद ही शोमू और तनुजा एक दूसरे से अलग हो गए, लेकिन दोनों ने कभी तलाक नहीं लिया।
काजोल की शादी के थे खिलाफ
शोमू मुखर्जी अपनी बड़ी बेटी काजोल के बेहद करीब थे और वह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी 24 साल की उम्र में ही शादी करे। वह काजोल की अजय देवगन के साथ हो रहे शादी के खिलाफ थे। उनको शादी से कोई परेशानी नहीं थी, उनका मानना था कि शादी से पहले काजोल और काम करें। हालांकि तनुजा ने काजोल का साथ दिया और छोटे से समारोह में अजय और काजोल की शादी हो गई।