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NFAI को मिला 162 फिल्मों का खजाना, महात्मा गांधी पर बनी 6 घंटे की डॉक्यूमेंट्री भी शामिल
amarujala.com- Presented by: कुशमिता राणा
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:02 AM IST
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महात्मा गांधी
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नेशनल फिल्म आर्काइव्स ऑफ इंडिया (एनएफएआई), पुणे के हाथ एक बड़ा खजाना लगा है, ये खजाना है 162 फिल्मों का है। खास बात ये है कि इन 162 फिल्मों में विट्ठल भाई झवेरी की महात्मा गांधी पर बनाई गई 6 घंटे की डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'महात्मा' भी शामिल है।
विट्ठल भाई महात्मा गांधी के सहयोगी होने के साथ-साथ एक फोटोग्राफर और फिल्ममेकर भी रहे हैं इसलिए 6 घंटे की 'महात्मा' डॉक्यूमेंट्री की ऑरिजिनल निगेटिव एक ऐसी अमूल्य धरोहर है जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में लोगों को और जानकारी देगी।
इसे डिजिटलाईज करने और हमेशा के लिए सुरक्षित रखने का जिम्मा उठाया है एनएफएआई ने। एनएफआई के लिए खास बात ये है कि कुल 162 में से 125 फिल्में ऑरिजिनल या फिर ड्यूप निगेटिव के फॉर्म (उस फॉर्मेट में नहीं जिसमें ये रिलीज हुईं) में मौजूद हैं। इनमें 44 फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हैं।
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पढ़ें- कंगना रनौत के विवाद पर ये बोलीं अदिति राव हैदरी, आप भी जानें
आपको बता दें कि इस कलेक्शन में एनएफएआई को कुछ ऐसी फिल्में हाथ लगी हैं जिनके प्रिंट उनके पास भी नहीं थे। इनमें से एक तो माला सिन्हा की 1960 की नेपाली फिल्म 'मैती घर' भी है। 1976 की हिंदी फिल्म 'फासला', 1957 की 'अमर सिंह राठौर' और 1973 की मराठी फिल्म 'आले तूफान दरियाला' के प्रिंट मिले हैं जो अब तक एनएफएआई के पास नहीं था।
इसके साथ ही कलेक्शन में 1939 की इजरा मीर की फिल्म 'सितारा', मणी कौल की 1969 की फिल्म 'उसकी रोटी', केए अब्बास की 'सात हिंदुस्तानी' 1969, जो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म थी, दिलीप कुमार की 1960 की फिल्म 'कोहिनूर', नर्गिस और राज कपूर की 1952 की फिल्म 'अंबर', 1959 की फिल्म 'पृथ्वीराज चौहान' शामिल हैं।
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विट्ठल भाई महात्मा गांधी के सहयोगी होने के साथ-साथ एक फोटोग्राफर और फिल्ममेकर भी रहे हैं इसलिए 6 घंटे की 'महात्मा' डॉक्यूमेंट्री की ऑरिजिनल निगेटिव एक ऐसी अमूल्य धरोहर है जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में लोगों को और जानकारी देगी।
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इसे डिजिटलाईज करने और हमेशा के लिए सुरक्षित रखने का जिम्मा उठाया है एनएफएआई ने। एनएफआई के लिए खास बात ये है कि कुल 162 में से 125 फिल्में ऑरिजिनल या फिर ड्यूप निगेटिव के फॉर्म (उस फॉर्मेट में नहीं जिसमें ये रिलीज हुईं) में मौजूद हैं। इनमें 44 फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हैं।
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आपको बता दें कि इस कलेक्शन में एनएफएआई को कुछ ऐसी फिल्में हाथ लगी हैं जिनके प्रिंट उनके पास भी नहीं थे। इनमें से एक तो माला सिन्हा की 1960 की नेपाली फिल्म 'मैती घर' भी है। 1976 की हिंदी फिल्म 'फासला', 1957 की 'अमर सिंह राठौर' और 1973 की मराठी फिल्म 'आले तूफान दरियाला' के प्रिंट मिले हैं जो अब तक एनएफएआई के पास नहीं था।
इसके साथ ही कलेक्शन में 1939 की इजरा मीर की फिल्म 'सितारा', मणी कौल की 1969 की फिल्म 'उसकी रोटी', केए अब्बास की 'सात हिंदुस्तानी' 1969, जो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म थी, दिलीप कुमार की 1960 की फिल्म 'कोहिनूर', नर्गिस और राज कपूर की 1952 की फिल्म 'अंबर', 1959 की फिल्म 'पृथ्वीराज चौहान' शामिल हैं।