लाल सिंह चड्ढा बना रही कंपनी के सीईओ ने बदली नौकरी, सिनेमा और टीवी का काम छोड़ लौटे पुराने कारोबार में
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कोरोना के संक्रमण के डर से बंद पड़े भारतीय फिल्म उद्योग के लिए मशहूर फिल्म और टीवी कंपनी वॉयकॉम 18 के ग्रुप सीईओ सुधांशु वत्स का वापस अपने मूल कारोबार में लौट जाना बड़ा झटका माना जा रहा है। सुधांशु के ये पद छोड़ने से अब भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई को अपनी नेशनल मीडिया एंड एंटरटेमनेंट कमेटी का नया चेयरमैन, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन को अपना नया उपाध्यक्ष और चैनलों की टीआरपी बताने वाली संस्था बार्क को अपना नया निदेशक चुनना होगा।
सुधांशु वत्स के वॉयकॉम 18 छोड़ने की खबर ऐसे मौके पर आई है जब भारतीय मनोरंजन उद्योग कोरोना की मार से कराह रहा है। ग्रुप की इस साल की महात्वाकांक्षी फिल्म लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग रुक चुकी है। वॉयकॉम18 पिक्चर्स के लिए पिछला साल उनके अस्तित्व में आने के बाद से सबसे खराब साल बताया जा रहा है। साल 2018 में फिल्म अंधाधुन की कामयाबी के बाद वॉयकॉम18 एक भी हिट फिल्म नहीं दे पाई।
ठाकरे, रोमियो अकबर वाल्टर और द बॉडी जैसी फिल्में फ्लॉप रहीं। मोतीचूर चकनाचूर के रिलीज होने से पहले ही इसकी निर्देशक ने फिल्म को अपनी फिल्म मानने से मना कर दिया। इससे पहले अंधाधुन के समय भी फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन को अपनी फिल्म को बचाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा।
इस साल की शुरूआत वॉयकॉम18 के सिनेमा कारोबार के लिए खराब रही। शिमला मिर्ची मजबूरन ओटीटी पर रिलीज करनी पड़ी। सरदार ऊधम सिंह की रिलीज डेट बदल चुकी है। हुड़दंग का भविष्य संकट में है। ले देकर सारी उम्मीदें आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा पर टिकी हैं, इसमें भी आखिरी सूचना तक वितरकों के तौर पर पैरामाउंट पिक्चर्स और जी स्टूडियोज की एंट्री हो चुकी है।
सुधांशु वत्स के लिए फिल्में और टीवी दिल के करीब का मामला रहा है और वह तमाम मौकों पर फिल्मी सितारों के खुद इंटरव्यू भी करते नजर आए हैं। लेकिन, फिल्मों से उनका आठ साल पुराना नाता अब टूट गया है।
सुधांशु वत्स ने अपनी नई नौकरी जी समूह के साथ शुरू की है। वह एसेल प्रोपैक के नए सीईओ और एमडी बनाए गए। जी समूह की इस कंपनी के बारे में खबरें आती रही हैं कि इसे ब्लैकस्टोन नाम की वित्तीय निवेश कंपनी खरीद रही है। ब्लैकस्टोन और एसेल प्रोपैक के बीच 51 फीसदी शेयर 31 करोड़ अमेरिकी डॉलर में सौदा होने की बात मुंबई मीडिया में होती रही है।
सुधांशु वत्स का ज्यादातर करियर एफएमसीजी उत्पादों वाली कंपनियों में ही रहा है, सिनेमा और टेलीविजन में आठ साल बिताने के बाद वह अब इन एफएमसीजी उत्पादों के लिए प्लास्टिक ट्यूब व पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली कंपनी में आ गए हैं। एसेल प्रोपैक अब तक डाबर, गोदरेज, इमामी, विको, मैरिको और पतंजलि के लिए ट्यूब बनाती रही है।
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