Javed Akhtar: ‘हम पाकिस्तान को प्यार-सम्मान देते हैं, लेकिन..’, पाक कलाकारों के भारत में काम करने पर बोले लेखक
Javed Akhtar On Pakistani Actors: जावेद अख्तर ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर लगे बैन और फवाद खान की फिल्म 'अबीर गुलाल' की रिलीज पर छिड़ी जंग को लेकर अपनी राय सामने रखी और कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तानी कलाकारों का भारत में काम करना मुमकिन नहीं है।
विस्तार
मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा हालात में यह सवाल भी नहीं उठना चाहिए कि क्या पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने की इजाजत दी जाए। जावेद अख्तर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान की फिल्म 'अबीर गुलाल' की रिलीज पर भारत में रोक लगाने की खबरें सामने आई हैं। यह फिल्म 9 मई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 लोगों की जान लेने वाले आतंकी हमले के बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
अभी इस सवाल का समय नहीं...
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा, 'पहलगाम में जो हुआ, उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच कोई दोस्ताना माहौल नहीं है। ऐसे में यह पूछना कि क्या पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने देना चाहिए, गलत है। यह सवाल बेहतर समय में उठाया जा सकता है, जब दोनों देशों के रिश्ते सुधरें, लेकिन अभी यह मुमकिन नहीं है।' जावेद ने जोर देकर कहा कि भारत ने हमेशा पाकिस्तानी कलाकारों का स्वागत किया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से ऐसा रवैया कभी नहीं दिखा।
VIDEO | When asked about whether Pakistani artists should be allowed in India, lyricist Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) says, "The first question should be whether we should allow the Pakistani artists here. There are two answers, both of them are equally logical. It has been a… pic.twitter.com/ox9b3CfbLy
— Press Trust of India (@PTI_News) April 29, 2025
पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में मिला था सम्मान
जावेद अख्तर ने याद किया कि भारत ने नुसरत फतेह अली खान, मेहदी हसन, गुलाम अली और नूरजहां जैसे पाकिस्तानी कलाकारों को हमेशा प्यार और सम्मान दिया। उन्होंने मशहूर शायर फैज अहमद फैज का जिक्र करते हुए कहा, 'फैज साहब सिर्फ पाकिस्तान के नहीं, बल्कि पूरे उपमहाद्वीप के शायर थे। जब वह अटल बिहारी वाजपेयी के समय भारत आए तो उनका स्वागत किसी राष्ट्राध्यक्ष की तरह किया गया, लेकिन पाकिस्तान ने कभी इस तरह का सम्मान भारतीय कलाकारों को नहीं दिया।'
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लता मंगेशकर का उदाहरण
जावेद अख्तर ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर का उदाहरण देते हुए कहा कि 60 और 70 के दशक में वह पाकिस्तान में बेहद लोकप्रिय थीं, लेकिन उन्हें वहां कभी परफॉर्म करने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के लोग लता जी को बहुत प्यार करते थे, लेकिन वहां की व्यवस्था ने हमेशा रुकावट डाली। यह एकतरफा रिश्ता कब तक चलेगा? हम प्यार और सम्मान देते हैं, लेकिन जवाब में कुछ नहीं मिलता।'
पाकिस्तान में कट्टरपंथियों को फायदा
जावद अख्तर ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी कलाकारों पर भारत में रोक लगाने से वहां की सेना और कट्टरपंथी ताकतों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, 'वह भारत और पाकिस्तान के बीच ऊंची दीवार चाहते हैं, ताकि पाकिस्तानी लोग भारत की आजादी और अवसरों को न देख सकें। जब पाकिस्तानी कलाकार यहां काम करते हैं और वापस जाकर भारत की तारीफ करते हैं तो वहां के कट्टरपंथियों को यह पसंद नहीं आता।'
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'अबीर गुलाल' पर विवाद
पहलगाम हमले के बाद फवाद खान की फिल्म 'अबीर गुलाल' पर भारत में रिलीज रोकने की खबरें सामने आई हैं। इस बारे में पूछे जाने पर अख्तर ने कहा कि अभी इस मुद्दे पर बात करना सही नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए बेहतर माहौल की जरूरत है।