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जन्मदिन पर पढ़िए अमिताभ बच्चन के 'मन की बात'

Sun, 11 Oct 2015 05:23 PM IST
Updated Sun, 11 Oct 2015 05:23 PM IST
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Interview:Amitabh says, I am different from leak

भारतीय सिनेमा के शीर्षस्थ सितारे अमिताभ बच्चन को देखकर अक्सर लोग सोचते हैं कि वह इस मुकाम पर भाग्य के सहारे पहुंचे हैं या फिर कड़े परिश्रम से। अमर उजाला से अपने जन्मदिन की पूर्वसंध्या पर बातचीत में यह सवाल सुन कर अमिताभ मुस्करा दिए और बोले, ‘मैं थोड़ा लीक से हटकर हूं।’

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फिर उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘मेरा जितना भी परिश्रम है, वह सब भाग्य पर निर्भर है। मेरा ऐसा कोई खास परिश्रम है नहीं।’ रविवार को अमिताभ का जन्मदिन है और वह 73 बरस के हो जाएंगे।
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अमिताभ 18 अक्टूबर से छोटे पर्दे पर नया शो ला रहे हैं, ‘आज की रात है जिंदगी’। इसमें वह ऐसे लोगों को देश-दुनिया से रूबरू कराएंगे जो जीवन की आपाधापी में अपनी प्रतिभा से न्याय नहीं कर सके। अमिताभ मानते हैं कि कई लोग कहेंगे हमने बहुत परिश्रम किया मगर भाग्य ने साथ नहीं दिया। वह कहते हैं, ‘ऐसा हो सकता है लेकिन संघर्ष रुकना नहीं चाहिए।’
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अमिताभ के अनुसार, ‘बिना संघर्ष के कुछ प्राप्त नहीं होता। मेरा ऐसा मानना है कि अगर आप संघर्ष करेंगे तो भाग्य आपका साथ देगा। अत: प्रथम बात तो यह है कि आप संघर्ष करें।’

सिनेमा और टीवी पर वैचारिक निर्भरता बना देगी गुलाम

Interview:Amitabh says, I am different from leak

अमिताभ ने कहा कि वक्त के साथ इंसान को खुद में परिवर्तन लाने चाहिए। उनके अनुसार तकनीक ने आज जीवन बहुत बदल दिया है। परंतु जब उनसे कहा गया कि सिनेमा और टीवी के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से तकनीक आज जीवन में ऐसे प्रवेश कर चुकी है कि हर व्यक्ति सिर्फ दर्शक बन गया है।

इससे मनुष्य की संवेदना धीरे-धीरे खत्म नहीं हो रही। उन्होंने कहा, ‘यह सच है। पहले हम सिर्फ सिनेमा और टीवी के दर्शक थे परंतु मोबाइल के साथ हम चलते-फिरते दर्शक बन गए।

धीरे-धीरे यह माध्यम और बढ़ेगा। इसकी अच्छाइयां भी हैं और हमारे सामने संवेदना को बचाने की चुनौती भी।’ उन्होंने कहा कि हमें सिनेमा और टीवी से सिर्फ सकारात्मक प्रभाव की अपेक्षा करने की आदत खत्म करनी होगी।

अमिताभ ने कहा, ‘कहीं न कहीं आपको अपनी विचारधारा और मन की सुनना होगी। अगर हम अपने विचारों के लिए सिनेमा और टीवी पर निर्भर हो जाएंगे, तो इनके गुलाम बन जाएंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए। कहीं न कहीं आपको अपनी सोच को भी प्राथमिकता देनी होगी।’

‘जीवन है तो सब कुछ है’

Interview:Amitabh says, I am different from leak

फिल्म इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन को 45 वर्ष से अधिक हो चुके हैं और प्रशंसक उनका जन्मदिन पूरे उत्साह से मनाते हैं। वर्षों से वह सुबह से उनके बंगले प्रतीक्षा और जलसा के सामने इकट्ठा होते हैं। इस बार भी यही होगा।

अमिताभ अपने प्रशंसकों से मिलेंगे और उनकी शुभकामनाएं स्वीकार करेंगे। वैसे जब अमिताभ से पूछा गया कि जन्मदिन पर विशेष क्या करेंगे तो उन्होंने कहा, ‘एक दिवस और चला जाएगा, इसमें क्या विशेष है।’

पिछले जन्मदिन से इस जन्मदिन तक उनके जीवन में क्या उल्लेखनीय रहा तो वह बोले, ‘कुछ नहीं। यही गनीमत है कि जिंदा हैं। सांस ले रहे हैं। जीवन है तो सब कुछ है, जीवन नहीं तो कुछ भी नहीं।’

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