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क्लासिक कहानियों को बचाना हमारी ज़िम्मेदारी: गुलजार
Thu, 28 Feb 2019 10:44 AM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Thu, 28 Feb 2019 10:44 AM IST
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जब गुलज़ार जैसे शब्दों के जादूगर और मशहूर फ़िल्ममेकर कुछ कहते हैं तो लोग उनके कहे गए लफ़्ज़ों को न सिर्फ़ ध्यान से सुनते हैं, बल्कि उन्हें ख़ासी इज़्ज़त भी बख्शते हैं। ऐसे में फ़िल्म जीजीबीबी यानि गोपी गवैया बाघा बजैया देखने के बाद जब गुलज़ार ने इस फ़िल्म की तारीफ़ की तो फ़िल्म के मेकर्स का ख़ुश होना लाज़िमी था।
फ़िल्म देखने के बाद गुलज़ार ने कहा, ‘मैंने कराड़ी टेल्स के लिए कई गीत और किताबें लिखी हैं और मैं जीजीबीबी की निर्देशक शिल्पा को देश की सबसे अच्छी इलस्ट्रेटर और ऐनिमेटर मानता हूं। शिल्पा ने फ़िल्म को अपने ही अनूठे अंदाज़ में बयां किया है और इस फ़िल्म को शांति के दूत की तरह पेश किया है । फ़िल्म के लिए इससे अच्छी कोई और बात नहीं हो सकती थी। इस तरह की क्लासिक कहानियों को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद ज़रूरी है।’
जीजीबीबी सत्यजीत रे की गोपी गायने बागा बायने से प्रेरित ऐनीमेशन फ़िल्म है। सत्यजीत रे ने 50 साल पहले ये फ़िल्म अपने परदादा उपेंद्रकिशोर राय द्वारा तकरीबन 100 साल पहले लिखी कहानी पर बनाई थी।
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फ़िल्म देखने के बाद गुलज़ार ने कहा, ‘मैंने कराड़ी टेल्स के लिए कई गीत और किताबें लिखी हैं और मैं जीजीबीबी की निर्देशक शिल्पा को देश की सबसे अच्छी इलस्ट्रेटर और ऐनिमेटर मानता हूं। शिल्पा ने फ़िल्म को अपने ही अनूठे अंदाज़ में बयां किया है और इस फ़िल्म को शांति के दूत की तरह पेश किया है । फ़िल्म के लिए इससे अच्छी कोई और बात नहीं हो सकती थी। इस तरह की क्लासिक कहानियों को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद ज़रूरी है।’
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जीजीबीबी सत्यजीत रे की गोपी गायने बागा बायने से प्रेरित ऐनीमेशन फ़िल्म है। सत्यजीत रे ने 50 साल पहले ये फ़िल्म अपने परदादा उपेंद्रकिशोर राय द्वारा तकरीबन 100 साल पहले लिखी कहानी पर बनाई थी।
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