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To Kill A Tiger: 'टू किल ए टाइगर' की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, जानें पूरा मामला

Thu, 25 Jul 2024 07:19 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: रुपाली रामा जायसवाल Updated Thu, 25 Jul 2024 07:19 PM IST
सार

ऑस्कर नामांकित डॉक्यूमेंट्री 'टू किल ए टाइगर' को बैन करने की मांग उठी है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने इसकी स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 

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Delhi High Court refuses to ban streaming of netflix documentry To Kill a Tiger know the whole matter
टू किल ए टाइगर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत पर आधारित कनाडाई डॉक्यूमेंट्री 'टू किल ए टाइगर' ने ऑस्कर 2024 में नॉमिनेशन हासिल की थी। वहीं, अब यह सीरीज एक बार फिर सुर्खियों में है। सामुहिक बलात्कार पर आधारित इस सीरीज पर बैन लगाने की मांग हुई। याचिकाकर्ता ने फिल्म में बलात्कार पीड़िता की पहचान को उजागर करने का आरोप लगाते हुए इस पर बैन की मांग की। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री की स्ट्रीमिंग पर वर्तमान में रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 

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कोर्ट ने जारी किया नोटिस 

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की पीठ ने तुलिर चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका पर केंद्र के साथ-साथ कनाडा के टोरंटो स्थित एमी-नामांकित फिल्म निर्माता पाहुजा और फिल्म की स्ट्रीमिंग करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किया और उन्हें अपना जवाब दाखिल करने को कहा। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला भी पीठ में शामिल थे। पीठ ने इस स्तर पर फिल्म की स्ट्रीमिंग को उसके वर्तमान स्वरूप में रोकने से इनकार कर दिया, यह देखते हुए कि यह मार्च से ही नेटफ्लिक्स पर जनता के लिए उपलब्ध है। कोर्ट ने आदेश में कहा, 'प्रतिवादी संख्या 5 (नेटफ्लिक्स) के वकील ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री 10 मार्च को जारी की गई। इसलिए इस पर अदालत का विचार है कि इस स्तर पर अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है।'

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याचिकाकर्ता का आरोप 

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म में बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा किया गया है, जो घटना के समय 13 साल की थी। उसका चेहरा नकाबपोश नहीं था और यहां तक कि उसे स्कूल यूनिफॉर्म में भी दिखाया गया था। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, 'फिल्म की शूटिंग साढ़े तीन साल तक चली। उन्होंने (पाहुजा ने) नाबालिग की पहचान छुपाने का कोई प्रयास नहीं किया। फिल्म निर्माण में लगभग एक हजार घंटे लगे।'


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नेटफ्लिक्स ने अपना पक्ष किया साफ 

याचिकाकर्ता की शिकायत के जवाब में नेटफ्लिक्स के वकील ने कहा कि फिल्मांकन के समय ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बच्ची के माता-पिता से सहमति ली थी और स्ट्रीमिंग के वक्त पीड़िता बच्ची नहीं थी। वकील ने यह भी साफ किया कि 'टू किल ए टाइगर' 10 मार्च, 2024 को रिलीज हुई थी और तबसे ट्रस्ट को इसकी जानकारी थी। वहीं, कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही की अगली तारीख 8 अक्तूबर तय की है। 

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