{"_id":"5b04e2474f1c1be4408b6fef","slug":"british-tv-series-blue-planet-2-now-will-release-in-india","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"समुद्र में मछलियों के संघर्ष को बताती ब्रिटिश टीवी सीरीज 'ब्लू प्लेनेट-2' अब भारत में भी होगी रिलीज","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
समुद्र में मछलियों के संघर्ष को बताती ब्रिटिश टीवी सीरीज 'ब्लू प्लेनेट-2' अब भारत में भी होगी रिलीज
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 23 May 2018 09:26 AM IST
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देश में दुनिया के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ मनोरंजन परिदृश्य बदल रहा है। विदेशी फिल्मों और अमेरिकी टीवी कथा धारावाहिकों के साथ अब इंफोटेनमेंट भारतीय बाजार में उतर चुका है। इनफरमेशन और एंटरटेनमेंट के मिले-जुले रूप को इंफोटेनमेंट कहते हैं। इसी कड़ी में शुमार अमेरिका और ब्रिटेन समेत यूरोप के कई देशों में सराहे जाने के बाद ब्रिटिश टीवी सीरीज 'ब्लू प्लेनेट-2' अब भारत में फिल्म की तरह सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।
भारत में विदेशी फिल्मों का बाजार बढ़ रहा है और सोनी,बीबीसी की समुंदर की गहराइयों को छानती 'ब्लू प्लेनेट-2' मूल रूप से डॉक्युमेंट्री है। डॉक्युमेंट्री की पहली दो कड़ियां 'वन ओशन' और 'द डीप' फिल्म के रूप में रिलीज की गई है। यह फिल्म न केवल समुंदर के अंदर की अकल्पनीय दुनिया दिखाती है बल्कि पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे से भी आगाह करती है। इस लिहाज से 'ब्लू प्लेनेट-2' जागरूक बनाने वाली फिल्म है।
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भारत में विदेशी फिल्मों का बाजार बढ़ रहा है और सोनी,बीबीसी की समुंदर की गहराइयों को छानती 'ब्लू प्लेनेट-2' मूल रूप से डॉक्युमेंट्री है। डॉक्युमेंट्री की पहली दो कड़ियां 'वन ओशन' और 'द डीप' फिल्म के रूप में रिलीज की गई है। यह फिल्म न केवल समुंदर के अंदर की अकल्पनीय दुनिया दिखाती है बल्कि पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे से भी आगाह करती है। इस लिहाज से 'ब्लू प्लेनेट-2' जागरूक बनाने वाली फिल्म है।
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प्रकृति पर डॉक्युमेंट्री फिल्में बनाने के लिए दुनिया भर में विख्यात डेविड एटनबरो 'ब्लू प्लेनेट-2' में समुंदर की अनूठी कहानियां कह रहे हैं। 'वन ओशन' और 'द डीप' में विहंगम दृश्यों के साथ रोमांच भी है। खास तौर पर 'वन ओशन' में दिखाया गया है कि समुद्री जीवों के लिए जिंदा रहने का संघर्ष कितना कठिन है। महासागर जंगल नहीं हैं लेकिन वहां भी पल-पल जीवन दांव पर लगा है। कई चौंकाने वाले तथ्यों के साथ रोंगटे खड़े दृश्य यहां हैं। फिल्म बताती है कि कैसे डॉलफिन अपने बच्चों को समुद्र की गहराइयों में लगी उन झाड़ियों से अपना इलाज करना सिखाती हैं जो उन्हें जैविक संक्त्रस्मणों से बचाती हैं।
इसी तरह वालरस मांएं बच्चों को ध्रुवीय भालुओं से बचाने के लिए अपना जीवन दांव पर लगाती हैं। महासगरों में ऐसी विशाल मछलियां हैं जो झपट कर उड़ते पंछी का शिकार कर लेती हैं। सबसे रोमांचक उस मछली की कथा हैए हारमोंस में बदलाव के कारण जिसका लिंग परिवर्तन होता है और नई नर मछली कैसे वृद्ध होती बड़ी नर मछली को पराजित करके समूह में मुखिया की जगह लेती है। 'ब्लू प्लेनेट-2' का निर्माण चार साल में किया गया है और 39 देशों की 125 जगहों के सागरोंध्महासागरों को खंगाला गया है। फिलहाल देश के 22 शहरों में 'ब्लू प्लेनेट-2' को रिलीज किया गया है। आने वाले दिनों में इसे और भी ज्यादा शहरों रिलीज किए जाने की योजना है।
इसी तरह वालरस मांएं बच्चों को ध्रुवीय भालुओं से बचाने के लिए अपना जीवन दांव पर लगाती हैं। महासगरों में ऐसी विशाल मछलियां हैं जो झपट कर उड़ते पंछी का शिकार कर लेती हैं। सबसे रोमांचक उस मछली की कथा हैए हारमोंस में बदलाव के कारण जिसका लिंग परिवर्तन होता है और नई नर मछली कैसे वृद्ध होती बड़ी नर मछली को पराजित करके समूह में मुखिया की जगह लेती है। 'ब्लू प्लेनेट-2' का निर्माण चार साल में किया गया है और 39 देशों की 125 जगहों के सागरोंध्महासागरों को खंगाला गया है। फिलहाल देश के 22 शहरों में 'ब्लू प्लेनेट-2' को रिलीज किया गया है। आने वाले दिनों में इसे और भी ज्यादा शहरों रिलीज किए जाने की योजना है।