संजय दत्त को बड़ी राहत, रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका मुंबई हाईकोर्ट ने की खारिज
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संजय दत्त के लिए खुशखबरी है। संजय दत्त को मुंबई हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। समय से 8 महीने पहले रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका को मुंबई हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मुंबई हाईकोर्ट ने दावा किया है कि 1993 के सीरियल बम धमाकों के मामले में अभिनेता संजय दत्ता को दी गई पैरोल में राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं मिला है।
मुंबई हाईकोर्ट ने एक याचिका दायर की गई थी जिसमें अभिनेता संजय दत्त की जल्द रिहाई को चुनौती दी गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि संजय दत्त को उनके नाम के कारण ही समय से पहले रिहा किया गया है जो किसी भी तरह से सही नहीं है। संजय दत्त ने जेल में रहते हुए ऐसा कोई काम नहीं किया जिसके आधार पर उन्हें समय से पहले रिहाई दी जानी चाहिए थी।
Bombay High Court dismisses petition challenging early release of Sanjay Dutt from Pune Jail. (file pic) pic.twitter.com/mIXUQjrXlG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 1, 2018
गौरतलब है कि संजय दत्त 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के मामले में जेल में बंद थे। यह मामला उसी दौरान उन्हें दी गई पैरोल से जुड़ा है। एक जनहित याचिका में दत्त को बार-बार पैरोल दिए जाने तथा मामले में पांच साल की सजा पाए दत्त को सजा पूरी होने से पहले वर्ष 2016 में रिहा करने पर सवाल उठाया गया था। आपको बता दें कि 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के मामले की सुनवाई विशेष टाडा अदालत में शुरू हुई थी।
पहली बार संजय दत्त को 19 अप्रैल, 1993 को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 18 दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई। 5 मई को उन्हें जमानत मिली थी। जुलाई, 1994 में उनकी बेल कैंसिल हुई और उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। अक्टूबर, 1995 को उन्हें बेल पर रिहा किया गया। 1997 में उन्हें एक बार फिर जमानत मिली। इसके बाद कई बार संजय दत्त जेल गए और बाहर आए। आखिरकार संजय दत्त 25 फरवरी 2016 रिहा हुए। हालांकि, अच्छे व्यवहार का हवाले देते हुए उन्हें सजा खत्म होने के 8 महीने पहले ही रिहा कर दिया गया था।